संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल केयर कम्पैनियन कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके तहत एक कॉल पर स्वास्थ्यकर्मी जच्चा-बच्चा की देखभाल की जानकारी देंगे। इससे अभिभावकों को जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन पांच से सात डिलीवरी होती हैं। नॉर्मल डिलीवरी के 24 घंटे बाद अस्पताल से जच्चा-बच्चा को छुट्टी दी जाती है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद चार से पांच दिन में छुट्टी मिलती है। ऐसे में जब जच्चा-बच्चा घर जाते हैं तो स्टाफ नर्स व डॉक्टर द्वारा उनके उचित खानपान व ध्यान रखने योग्य बातें बताई जाती हैं। कई बार घर जाने के बाद जज्जा-बच्चा को परेशानी होती है। ऐसे में परिजनों को फिर से जच्चा-बच्चा को अस्पताल लेकर आना पड़ता है। ऐसे में यदि कोई परिजन उनकी तबीयत के बारे में मोबाइल केयर कम्पैनियन कार्यक्रम के तहत काॅल करके जानकारी लेना चाहे तो वह ले सकता है। इसके अलावा ऑनलाइन भी इस संबंध में 24 घंटे जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए टोल फ्री नंबर 18991210095 जारी किया है।
डाॅ. अभिषेक जैन ने बताया कि स्वस्थ बच्चे के लिए सात चरण हैं। इसमें टीकाकरण, मां का दूध, त्वचा की देखभाल, नाल को नहीं छूना, स्वच्छता बनाए रखना, स्वस्थ बच्चे के लिए स्वस्थ मां, परिवार को नियोजित करना शामिल है। वहीं बच्चे में होने वाले खतरे तथा मां को होने वाले खतरे की जानकारी होगी। साथ ही जच्चा और बच्चा की देखभाल, खान-पान का पूरा ब्योरा होगा।
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क्यूआर कोड स्कैन करके भी ली जा सकती है जानकारी
मोबाइल केयर कम्पैनियन कार्यक्रम को लेकर जींद पहुंचे डाॅ. अभिषेक जैन ने बताया कि यह सर्विस एक फोन कॉल या फिर क्यूआर कोड पर उपलब्ध होगी। जिनके पास एंड्रॉयड फोन नही हैं वो 1800 1210 095 पर कॉल कर जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा एक स्कैनर भी जच्चा-बच्चा के परिजनों को उपलब्ध करवाया जाएगा। जिसे स्मार्ट फोन के माध्यम से स्कैन कर सारी जानकारी उपलब्ध होगी। यह सर्विस केवल सहायता सेवा है। इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचना होगा।