जींद। आग लगने की घटना पर उत्पन्न हुई स्थिति में लोगों की जान व माल की सुरक्षा की दृष्टि से वीरवार को एलपीजी भराई संयंत्र में मॉक पाल ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के लिए सायरन बजाकर आकस्मिक आगजनी की सूचना दी गई। इस दौरान एलपीजी गैस की गाड़ी में आग लगने की स्थिति उत्पन्न होने पर कैसे निपटा जा सके, के बारे में मॉक ड्रिल कर विभिन्न तरीके का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान डीएसपी रोहताश सिंह, वरिष्ठ संयंत्र प्रबंधक रोबिन गोयल, सहायक प्रबंधन संध्या सिंह, विशाल दलाल, मोहम्मद शादाब मौजूद रहे।
मॉक ड्रिल के दौरान रिलीफ एरिया, कंट्रोल रूम के अलावा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए संयंत्र स्थापित किए गए थे। एलपीजी भराई संयंत्र में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान गैस से भरे कंटेनर में अचानक आग लग जाती है और कुछ ही क्षण में वह भयंकर रूप धारण कर लेती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए उपस्थित सिक्योरिटी स्टाफ तुरंत सायरन बजाकर इस घटना से सचेत रहने के बारे में जागरूक करने का काम करता है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर आकर जिसमें एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, अग्निशमन, पुलिस, होमगार्ड की टीम सहित अन्य सभी अधिकारी पहुंचकर आग पर तुरंत नियंत्रण पाने का प्रयास शुरू कर देते हैं, लेकिन केमिकल की आग होने के कारण काबू पाना मुश्किल हो रहा था। संबंधित अधिकारी अपने दलबल के साथ मौके पर पहुंचतें हैं। केमिकल व अन्य संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास करते हैं और कामयाबी मिलती है। मॉक ड्रिल के दौरान घटना में घायल कर्मियों को सबसे पहले प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने का काम किया जाता है। जो लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं उन्हें तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल में दाखिल करवाने का काम किया जाता है।
समय-समय पर होनी चाहिए मॉक ड्रिल
डीएसपी रोहताश ढुल ने बताया कि मॉक ड्रिल का आयोजन करवाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि यदि कोई भी आपातकालीन स्थिति आती है तो उससे निपटने के लिए हम तैयार रहें। हमें इस स्थिति में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि स्थिति से किस प्रकार निपटा जा सकता है, इसके लिए कार्य करना चाहिए। प्रशासन ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए हमेशा पूरी तरह सतर्क रहता है। उन्होंने मॉक ड्रिल की सराहना की और कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल समय-समय पर होती रहनी चाहिए।