13जेएनडी22: मांगों को लेकर बैठक करते हुए मनरेगा मजदूरों व मेट। संवाद
जींद। मनरेगा मजदूर व मेट की बैठक वीरवार को सूबेसिंह स्मारक में मनरेगा श्रमिक यूनियन के जिला संयोजक अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मनरेगा के बजट में हर साल की जा रही कटौती को लेकर रोष जताया। बैठक में निर्णय लिया गया कि मांगों को लेकर 18 जून को जिलाभर के मनरेगा मजदूर व मेट जिला परिषद सीईओ के कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन करेंगे।
सीटू नेता कॉमरेड रमेश चंद्र ने बताया कि भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा मनरेगा पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। मनरेगा के बजट में हर साल लगातार कटौती की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी से कम मजदूरी दी जा रही है। मनरेगा के मजदूरों को पिछले तीन-चार साल से पांच किलोमीटर दूर काम पर जाने पर भी किराया नहीं दिया जा रहा। दुर्घटना में चोट लगने पर कोई इलाज का प्रबंध नहीं किया जा रहा, काम मांगने पर काम नहीं दिया जा रहा। अगर काम मिल भी जाता है तो 15 दिन के मास्टर-रोल में केवल तीन-चार दिन ही काम देकर काम को बंद कर दिया जाता है। पूरा काम करने के बावजूद कम मजदूरी दी जाती है वो भी समय पर नहीं दी जाती। सालों तक पक्के काम की मजदूरी व मेटों की पेमेंट लटकाना आम बात हो गई है। इन समस्याओं के अलावा 100 दिन के काम की गारंटी होने के बावजूद प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को औसतन 33 दिन ही काम मिला है। महंगाई के चलते गरीब मजदूरों को अपना जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। इस अवसर पर सीटू नेता संदीप जाजवान, सत्यनारायण गुलकनी, पवन कुमार, संदीप दालमवाला, कश्मीर ईगराह, सिल्लू ईगराह, भागचन्द, शीलकराम, राजेश बराह मौजूद थे।