जींद। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की बैठक शनिवार को शहर के पुराने बस अड्डे पर हुई। इसमें मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। जिसके बाद मांग पत्र जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश कु्रमार को सौंपा।
जिला सचिव सुनीता की अध्यक्षता में हुई बैठक में सचिव ने कहा कि पिछले चार महीने से पूरे हरियाणा में मिड डे मील में काम करने वाली महिलाओं को मानदेय नहीं मिला व केंद्र सरकार जो नई शिक्षा नीति लेकर आई है। उसमें कम बच्चों वाले स्कूलों को बंद किया जा रहा है। पहली और दूसरी कक्षा को आंगनबाड़ी को देने की तैयारी चल रही है। इसका एक तरफ मिड डे मील वर्कर्स का रोजगार जाएगा वहीं दूसरी तरफ गरीब बच्चों की पढ़ाई जाएगी। सरकारी नौकरियों को खत्म किया जा रहा है। जिससे बेरोजगारी बड़े पैमाने पर बढ़ रही है। सरकार नौकरी देने की बजाय विभागों को बेच रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार स्कूलों को मर्ज के नाम पर बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक आंदोलन किया जाएगा। इसके विरोध में वह पांच अप्रैल 2023 को दिल्ली में किसान-मजदूरों की ऐतिहासिक रैली में भाग लेंगी। इस अवसर पर मीना, कमलेश, रानी लुदाना, पिंकी, सुनीता, रचना, बाला, पूजा, पूनम, दमयंती, दर्शना मौजूद रही।
फोटो कैप्शन 11जेएनडी08: पुराने बस अड्डे पर धरने पर बैठी मिड डे मील वर्कर्स।