25जेएनडी25: विजेता पहलवान मानसी लाठर अपने पिता के साथ। स्रोत परिजन
जींद। लजवाना कलां की रहने वाली मानसी लाठर ने 16 से 24 जून तक जॉर्डन के ओमान में हुई अंडर-17 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। मानसी के पदक जीतने पर गांव में खुशी का माहौल है।
ताऊ सतीश पहलवान ने बताया कि मानसी बचपन से ही खेलों में रुचि ले रही थी। उनके परिवार में कुश्ती के तीन कोच हैं। मानसी के पिता जयभगवान लाठर साई के कोच हैं और 20 बार इंडिया पुलिस के मेडलिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने स्वेच्छा से सीआरपीएफ से एएसपी के पद से सेवानिवृत्ति ली थी। बच्चों के भविष्य को देखते हुए वे साई के कोच का काम कर रहे हैं।
मानसी लाठर के परिवार ने चार राष्ट्रीय, तीन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। मानसी लाठर की माता सीमा लाठर भी कोच हैं। सतीश पहलवान ने बताया कि उनके दादा फुला नंबरदार का सपना था कि उनकी बेटी विदेश में खेलकर परिवार का नाम रोशन करे। इसी सपने को पूरा करने के लिए परिवार के सदस्यों ने एड़ी चोटी का जोर लगाक इसे पूरा किया। उन्होंने बताया कि गांव पहुंचने पर मानसी का जोरदार स्वागत किया जाएगा।
गांव के स्टेडियम में की मेहनत कर पाया मुकाम
लजवाना कलां गांव के दादा बनदे खेल ग्राउंड की मिट्टी ने विश्वस्तर पर नाम चमकाने का काम किया है। इसी ग्राउंड पर खेलकर कई खिलाड़ियों ने देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है। सतीश पहलवान ने गांव के कई बच्चों को प्रशिक्षित किया, जिनमें से आज काफी युवा बड़े-बड़े पदों पर आसीन हैं।
25जेएनडी25: विजेता पहलवान मानसी लाठर अपने पिता के साथ। स्रोत परिजन