लंपी चर्म रोग से पीड़ित एक गाय। संवाद
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जींद। लंपी चर्म रोग वायरस का बढ़ता प्रकोप लगातार पशुपालन विभाग के नियंत्रण से बाहर हो रहा है। पशुपालन विभाग को शनिवार को 185 नए संक्रमित पशुओं की रिपोर्ट मिली, जबकि चार पशुओं की मौत हो चुकी है। जिले में शनिवार तक लंपी से संक्रमित पशुओं की संख्या 1595 हो चुकी है।
जिले में फै ल रहे लंपी वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अब तक आई 89600 वैक्सीन में से पशुपालन विभाग द्वारा गठित की गई 65 टीमों ने 57300 वैक्सीन लगाई हैं। इसके अलावा शनिवार को विभाग के पास 32300 वैक्सीन बची हुई है। पशुओं में संक्रमण को रोकने के लिए विभाग की टीम द्वारा संक्रमित क्षेत्रों में पहले वैक्सीन लगाई जा रही है, ताकि जो पशु फिलहाल सुरक्षित हैं। उनको वैक्सीन लगाकर बचाया जा सके। जिले के 112 वार्ड व गांवों तथा छह गोशालाओं में लंपी का प्रकोप फैल चुका है। अब इस वैक्सीन पर नियंत्रण पाने के लिए पशुपालन विभाग को पशुपालकों के सहयोग की उम्मीद है, ताकि संक्रमित पशुओं को ठीक पशुओं से अलग रखा जा सके और बढ़ती संख्या पर रोक लगाई जा सके।
अब तक 615 पशु हुए स्वस्थ्य
लंपी वायरस से संक्रमित 615 पशु रिकवर भी हुए हैं। जिसके चलते पशुपालकों व पशुपालन विभाग को काफी राहत मिली है। शनिवार को 127 पशु रिकवर हुए हैं, जबकि संक्रमित 185 हुए। रिकवरी दर बढ़ने के साथ पशुपालन विभाग को राहत मिली है।
पशुओं को लंपी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की टीम लगातार टीकाकरण व फोगिंग का काम कर रही है, ताकि इसके संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके। अब तक 57300 पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। पशुपालकों को संक्रमण रोकने के लिए संक्रमित पशुओं को ठीक पशुओं से अलग रखना चाहिए, ताकि इस बीमारी पर काबू पाया जा सके।
-रविंद्र हुड्डा, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग।