जींद। उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त डाॅ. अनिरुद्ध शर्मा (जीएसटी) ने बताया कि हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से संस्थानों, व्यावसायियों में रह रही बकाया राशि की वसूली में तेजी लाने और कानूनी कार्रवाई कम करने के उद्देश्य से एक मुश्त व्यवस्थापन स्कीम नामक योजना लागू की गई है।
योजना के तहत जिन संस्थानों, व्यावसायियों का विभाग का किसी भी प्रकार का कर बकाया था और उन्होंने समय पर भुगतान नहीं किया है, वह इस अवसर का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय योजना के अनुसार अब जीएसटी लागू होने से पहले की जो विभागीय अधिनियमों से संबंधित मामलों में लंबित करो की अदायगी बकाया थी, अब उनका ब्याज जुर्माने में छूट देने के लिए चार श्रेणी निर्धारित करते हुए करों की अदायगी की जा सकेगी। संबंधित व्यक्ति इस योजना का लाभ 30 मार्च तक उठा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 30 जून 2017 तक की अवधि के लिए विभिन्न अधिनियमों के तहत अगर करदाता पूर्ण एकमुश्त राशि का भुगतान करता है तो वह जुर्माना एवं ब्याज राशि की पूर्ण छूट प्राप्त कर सकता है। यदि विवादित कर की राशि 50 लाख रुपये तक है तो विवादित कर का 30 प्रतिशत तथा अन्य सभी मामलों में विवादित कर का 50 प्रतिशत भुगतान करना होगा। इसी प्रकार निर्विवादित कर की राशि 50 लाख तक है तो निर्विवादित कर का 40 प्रतिशत तथा अन्य मामलों में निर्विवादित कर का 60 प्रतिशत भुगतान करना होगा। अंतरीय कर पर 30 प्रतिशत देय है।