02जेएनडी08: हैबतपुर गांव की जमीन में बन रहा मेडिकल कॉलेज। संवाद
जींद। शहर में बन रहे मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए जिले के लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। इसका कारण सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही बनी है।
मेडिकल कॉलेज के पहले चरण का काम अंतिम दौर में है। इसे जून तक पूरा करना था। बजट समय पर नहीं मिलने की वजह से यह काम अटक गया और अब इसको पूरा करने के लिए दिसबंर तक का समय दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज के काम को पूरा करवाने के लिए सत्ता में रहते हुए दुष्यंत चौटाला ने गंभीरता से काम किया था। इसको समय पर पूरा करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज का दो से तीन बार दौरा भी किया और संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के लिए बैठक कर निर्देश भी दिए थे। मेडिकल कॉलेज के पूरा होने से पहले ही जजपा सत्ता से बाहर हो गई। इसके बाद किसी भी नेता ने इसको गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते इसका कार्य के लिए बजट उपलब्ध नहीं होने से काम अटक गया है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी का भवन अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है। अगर बजट या फिर किसी अन्य तरह की दिक्कत नहीं आई तो ओपीडी शुरू होने की उम्मीद है।
जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा 2014 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। इसके बाद प्रशासन व सरकार के ढीले रवैये के चलते यह काम दस वर्ष पूरे होने के बाद भी पूरा नहीं हो सका। मेडिकल कॉलेज के 19 मंजिला भवन का काम वर्ष 2020 में शुरू हुआ था।
इसके चलते लगभग साढ़े चार वर्ष बीतने के बाद भी यह काम पूर्ण नहीं हो पाया। मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए भी प्रक्रिया चली हुई है।
02जेएनडी08: हैबतपुर गांव की जमीन में बन रहा मेडिकल कॉलेज। संवाद