जींद। सैर पर निकले व्यक्ति पर रंजिशन पीट-पीटकर हत्या करने के दो दोषियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीतू गर्ग की अदालत ने आजीवन करावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अदालत में चले मामले के अनुसार गांव कालवा निवासी नीरज ने सात अक्तूबर 2021 को पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके चाचा वेदपाल का गांव के ही सचिन तथा मंजीत के साथ लगभग दो माह पहले झगड़ा हो गया था। इसके चलते दोनों उसके चाचा से रंजिश रखे हुए थे। सात अक्तूबर को अल सुबह उसका चाचा वेदपाल हर रोज की भांति सैर पर निकला था। गांव के तालाब के निकट सचिन तथा मंजीत ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें उसका चाचा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे नागरिक अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने उसकी हालात गंभीर देखकर पीजीआई रोहतक रैफर कर दिया। जहां पर उसके चाचा की उपचार के दौरान मौत हो गई।
मरने से पूर्व उसके चाचा ने सचिन तथा मनजीत द्वारा हमला किए जाने के बारे में बताया था। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने नीरज की शिकायत पर सचिन तथा मनजीत के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीतू गर्ग की अदालत ने सचिन तथा मनजीत को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।