28जेएनडी33: पराली प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक करते हुए।
जींद। बड़ौदा गांव में पराली व कपास के अवशेष के प्रबंधन के लिए कृषि विभाग की टीम ने किसानों को जागरूक किया।
सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक राजेश शर्मा ने बताया कि पराली के अवशेष जलाने से किसान को सबसे बड़ा नुकसान होता है। इससे भूमि की उत्पादन क्षमता कम होती है। इसके अलावा मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार पराली जलाने वालों पर जुर्माना, एफआईआर व जमीन को दो साल तक रेड मार्क कर रही है। सुखबीर व भूपेंद्र ने बताया कि जो किसान पराली जला रहे हैं, उनको भविष्य में दो वर्ष तक कृषि यंत्रों पर अनुदान नहीं मिलेगा। इसके अतिरिक्त सरकार ने पराली प्रबंधन की अनेक योजनाएं चलाई हैं। किसान इनका लाभ लेकर पराली प्रबंधन को बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
28जेएनडी33: पराली प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक करते हुए।