फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: विकास कार्यों के लिए नियमानुसार मूल्य पर होगा जमीन का अधिग्रहण

विज्ञापन
लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेते डीसी डॉ. मनोज कुमार। विज्ञप्ति - फोटो : Jind
विज्ञापन
जींद। विकास कार्यों के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर पैदा होने वाले अवरोध को दूर करने के लिए डीसी डॉ. मनोज कुमार ने बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए नियमानुसार मूल्य पर जमीन का अधिग्रहण होगा।
विज्ञापन

बैठक में एडीसी साहिल गुप्ता, नरवाना एसडीएम अनिल दून, सफीदों एसडीएम सत्यवान सिंह मान, शुगर मिल के प्रबंधक निदेशक प्रवीण कुमार, नगराधीश अमित कुमार, जिला राजस्व अधिकारी राजेश ख्यालिया आदि अधिकारी मौजूद रहे। डीसी ने कहा कि विकास कार्यों के लिए अक्सर जमीन अधिग्रहण की जाती है। इसके लिए सरकार ने जमीनों का क्लेक्टर रेट भी तय किया है। सरकारी विकास परियोजनाओं के लिए जमीनों के अधिग्रहण नियमानुसार किया जाएगा ताकि विकास परियोजनाओं में कोई अड़चन पैदा ना हो। इसके के लिए सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने अधीन क्षेत्रों में जमीन की कीमत के हिसाब से क्लेक्टर रेट नियमों के अनुरूप निर्धारित करें।
उन्होंने आबियाने की रिकवरी को लेकर भी सभी एसडीएम को निर्देश दिये। कहा कि यदि कोई व्यक्ति आबियाना जमा नहीं करवा रहा है तो उसकी संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई अमल में लाएं। डीसी ने कहा कि एसडीएम तथा तहसीलदारों की कोर्टों में काफी मामले काफी समय से लंबित पड़े हुए हैं। इन मामलों को निपटाने के लिए अधिकारी त्वरित आधार पर कार्रवाई कर रिपोर्ट भिजवाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा राजस्व रिकवरी बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। इस वजह से राजस्व की राशि में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने अधिनस्थ क्षेत्र में रिकवरी बढ़ाने के लिए उचित कार्रवाई अमल में लाएं। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी सूरत में भू-इंतकाल से संबंधित मामले लंबित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक लें और विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों का समाधान करने का प्रयास करें।
विज्ञापन

उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे जब अपनी तहसीलों में रजिस्ट्ररी करते हैं तो उसको तुरंत पोर्टल पर चढ़वाना सुनिश्चित करें और इंतकाल का कार्य भी साथ की साथ करते रहे। मुख्यमंत्री शिकायत निवारण खिडक़ी पर जब भी कोई शिकायत दर्ज होती है तो उसका समाधान हर हाल में निर्धारित समय अवधि में करवाना आवश्यक होता है इसलिए अधिकारी इन शिकायतों को त्वरित आधार पर निपटवाएं। इस कार्य में किसी प्रकार की देरी एवं कोताही सहन नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें