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Kisan Andolan: सर्व जातीय दाड़न खाप का मिला समर्थन, ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ हरियाणा-पंजाब बॉर्डर जाएंगे

Fri, 16 Feb 2024 11:36 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

खाप के लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ हरियाणा-पंजाब बार्डर पर जाएंगे। डूमरखा नहर के पास लगे बैरिकेड्स हटाने के लिए प्रशासन को 48 घंटे का समय दिया।
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दाड़न खाप की मीटिंग में हुए फैसले की जानकारी देते पदाधिकारी एवं ग्रामीण। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सर्व जातीय दाड़न खाप ने शुक्रवार को खाप प्रधान सूरजभान घसो के नेतृत्व में पालवां के चबूतरा पर हुई बैठक की। इसमें किसानों को समर्थन देने, 48 घंटे में किसानों की मांग न मानने पर बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के पास गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर युवा, किसान, महिलाओं के जाकर समर्थन करने, डूमरखा से आगे सिरसा ब्रांच नहर पर लगाए गए बैरिकेड्स को हटाने के लिए 48 घंटे का समय प्रशासन को दिया। खाप कमेटी इसको लेकर एसडीएम नरवाना, डीएसपी नरवाना से भी मिलेंगी। केंद्र सरकार से किसानों की मांगों को माने जाने की मांग भी मीटिंग के माध्यम से की गई।

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सूरजभान घसो ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे हैं। किसानों को प्रदेश सरकार जिस तरीके से रोक रही है वह गलत है। जगह-जगह कई लेयर की सुरक्षा ऐसी की गई है जैसे हरियाणा में किसान नहीं बल्कि दुश्मन गुजरेंगे। दिल्ली सरकार किसानों को जाने दे ताकि वो अपना धरना वहां दे सकें। किसानों के इस आंदोलन को खाप का पूरा समर्थन है।

पूर्व प्रधान दलबीर श्योकंद ने कहा कि जिला प्रशासन ने डूमरखा गांव से आगे सिरसा ब्रांच नहर के पास बैरिकेड्स लगाए हैं। वाहन चालकों को लिंक मार्गों से होकर आना-जाना पड़ता है। इससे कई गांवों के लोग परेशान हैं। बैरिकेड्स लगाने हैं तो नरवाना से पंजाब की तरफ लगाएं। इन बैरिकेड्सों को हटाने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिलेंगे। 48 घंटे तक अगर बैरिकेड्स नहीं हटाए गए तो खुद ट्रैक्टर-ट्राली लेकर खाप के गांवों के ग्रामीणा इन बैरिकेड्स को हटाने का काम करेंगे।
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पूर्व जिला पार्षद रामपाल झील ने कहा कि जरूरत पड़ी तो किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे। हरियाणा-पंजाब के बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के समर्थन में जाएंगे। गांव में पहले के किसान आंदोलन की तरह चंदा एकत्रित भी किया जाएगा। केंद्र सरकार किसानों की मांगों को माने। ये आंदोलन अकेले पंजाब, हरियाणा के किसानों के लिए नहीं है, बल्कि पूरे देश के किसानों के लिए हो रहा है।

किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि जिस तरह से वाटर कैनन के अलावा रबड़ की गोलियों के अलावा अन्य कई तरीकों से किसानों को रोकने का प्रयास हो रहा है वह सरासर गलत है। अपने हक के लिए पंजाब के किसान हरियाणा के रास्ते दिल्ली जा रहे हैं। किसानों के इस आंदोलन के साथ हैं। आने वाले दिन में प्रदेश की सभी खाप, पंचायतें एकत्रित होकर बड़ा फैसला ले सकती हैं।

इस अवसर पर रमेश मखंड, रमेश खरकभूरा, पूर्व सरपंच राजा डूमरखा, रामधन घसो, मा. बलवान उचाना खुर्द, महाबीर मंगलपुर, आजाद पालवां, कौर सिंह सेढा माजरा, शमशेर डूमरखा, महाबीर, जिले सिंह पालवां, कृष्ण सफा खेड़ी, रामनिवास, सतबीर सुरबरा, रामफल पूर्व सरपंच घसो कलां, सिक्किम सफा खेड़ी, कृष्ण मोर पालवां, अमित, प्रदीप काकड़ोद, प्रेम, बलवान झील मौजूद थे।

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