जींद। जुनैद-नासिर हत्याकांड में आरोपी सफीदों रोड निवासी विकास का उसके घर के लोगों को भी पता नहीं कि वह किस-किस के संपर्क में आया और फिलहाल वह कहां पर है। पिछले 10 साल में परिवार के लोगों को विकास तीन या चार बार ही मिला है, उसे फिलहाल राजस्थान पुलिस ढूंढ रही है। राजस्थान पुलिस पिछले सात दिन से जींद में डेरा जमाए बैठी है, लेकिन विकास उनके हाथ नहीं लगा है।
विकास की मां बोहती देवी ने कहा कि वह लोग 1995 में जींद में सफीदों रोड पर आकर रहने लगे थे। मूल रूप से वह गांव ढाठरथ के रहने वाले हैं। जींद में आने के बाद विकास ने यहां 12वीं तक पढ़ाई की। उसके पिता प्रताप ने कहा कि विकास ने इसके बाद पॉलीटेक्निक किया। इसी दौरान वह गोरक्षकों के संपर्क में आ गया। वह कहता था कि गाय को बचाने के लिए वह काफी प्रयास कर रहा है। उसके कुछ साथी भी गायों को बचाने में जुटे हैं, इसलिए उनके घर में भी उन्होंने तीन गायों को पाल रखा है। विकास की अभी तक शादी नहीं हुई है। सबसे पहले वह कालवा डेरा के लोगों के संपर्क में आ गया था। प्रताप सिंह ने कहा कि 10 साल से उनका विकास के साथ कोई संबंध नहीं है। वह इस दौरान तीन या चार बार ही घर आया है। वह बाहर ही रहता था। विकास का भाई प्रवीण ट्रैक्टर चलाता है और प्लाॅटों में मिट्टी की भराई करता है।
बॉक्स
लगातार प्रयास कर रही राजस्थान पुलिस
राजस्थान पुलिस की टीम डीएसपी हिम्मत सिंह के नेतृत्व में जींद में विकास की तलाश में जुटी है। यह टीम सात दिन से जींद के सीआईए थाने में टिकी है। यहां से टीमें बनाकर अलग-अलग स्थानों पर विकास की तलाश में दबिश दी जा रही है, लेकिन विकास का संपर्क जिले के लोगों से बहुत कम ही है। जिन-जिन लोगों से बातचीत हुई, सभी ने कहा कि विकास का यहां किसी से ज्यादा संपर्क नहीं रहा।