जींद। अलेवा गांव के शिरडी डेरामुखी ने शुक्रवार रात को अपने सेवक ही डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। सेवक के सिर व आंखों में डंडे मारकर हत्या की गई। जिसके बाद डेरामुखी वह से फरार हो गया।
ग्रामीणों को जब वारदात का पता चला तो उन्होंने सेवक के परिजनो को घटना के बारे में बताया। ग्रामीणों के अनुसार डेरा के प्रमुख व उसके सेवक के बीच में शुक्रवार रात को किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। पुलिस ने मृतक के भाई दिनेश की शिकायत पर डेरा प्रमुख के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
करनाल जिले के गांव पोपड़ा निवासी दिनेश कुमार ने अलेवा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बड़ा भाई रामफल दो माह से गांव अलेवा के शिरड़ी डेरा में बाबा शंभूनाथ के सेवा के रूप में लगा हुआ था। बाबा रोहतक जिले के गांव टिटौली का रहने वाला है और उसका असली नाम कुलदीप है। अब वह अलेवा में रहता था। शुक्रवार रात को रामफल व बाबा शंभूनाथ के बीच में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस पर बाबा ने तैश में आकर उसके सिर व आंखों पर डंडों से वार कर दिया। जब वह बेसुध होकर गिर गया और बाबा वहां से फरार हो गया। बाद में जब घटना की सूचना पाकर परिवार के लोग डेर में पहुंचे तो रामफल पानी की टंकी के पास पड़ा हुआ था और उसका काफी खून बह चुका था। उसकी दोनों आंखों व माथे पर गहरी चोट के निशान थे। अलेवा थाना संचालक बीरबल ने बताया कि मामले में बाबा शंभूनाथ उर्फ कुलदीप के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।