हरियाणा के जींद के ढिगाना गांव की महिलाओं ने शुक्रवार को सरकारी स्कूल के गेट पर विरोध जताकर उपप्राचार्य को 20 टैबलेट लौटाए। कहा कि टैबलेट में बच्चे पढ़ाई कम करते हैं और गलत एप ज्यादा देखते हैं। इसके कारण वह लगातार पढ़ाई में कमजोर हो रहे हैं। हालांकि ढिगाना गांव में पहले भी अभिभावक टैबलेट का विरोध कर चुके हैं।
ढिगाना गांव निवासी महिला रीना देवी, पूजा देवी, सीता देवी, ममता ने बताया कि उनके बच्चे टैबलेट में पूरा दिन दूसरी एप का प्रयोग करते हैं, इसके कारण वह पढ़ाई में लगातार कमजोर हो रहे हैं। इस पर उपप्राचार्या ने महिलाओं से टैबलेट वापस लेने का पत्र लिखने की बात कही और प्राचार्य व उच्चाधिकारियों को उनकी मांग पहुंचाने का आश्वासन दिया।
महिलाओं ने कहा कि स्कूल के विद्यार्थी पहले भी टैबलेट लेने के इच्छुक नहीं थे। विभाग की ओर से जबरदस्ती बच्चों को टैबलेट दिए गए। टैबलेट पर बच्चे सारा दिन गेम्स खेलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा सरकार की पालिसी के तहत बोर्ड की कक्षाओं में हर विद्यार्थी को टैबलेट दिए गए थे।
सरकार की मंशा था कि तकनीक के जरिए पढ़ाई का स्तर और सुधार जा सके, लेकिन परिणाम के इसके विपरीत आ रहे हैं। विद्यार्थी सारा दिन टैबलेट में लगे रहते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट वापस लिए जाएं।
जिले में 24 हजार विद्यार्थियों को दिए थे टैबलेट
जिले में लगभग 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए हैं। ये टैबलेट दसवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिले थे ताकि ग्रामीण क्षेत्र में पढ़ने वाले विद्यार्थी ऑनलाइन तकनीक को जानकर बेहतर पढ़ाई कर सकें। इसके लिए टैबलेट में केवल ऑनलाइन पाठ्य सामग्री ही डाली गई थी। विद्यार्थी को हर रोज दो जीबी नेट फ्री दिया गया है, जिसका अनुबंध शिक्षा विभाग ने एक निजी टेलीकाम कंपनी के साथ किया हुआ है। वहीं विद्यार्थी बाहर सारा दिन आनलाइन गेम्स देखते हैं। इससे विद्यार्थियों की मानसिकता पर असर पड़ रहा है।
अभी तक यह मामला संज्ञान में नहीं है। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए टैबलेट दिए थे। विद्यार्थियों को टैबलेट पर पाठ्य सामग्री उपलब्ध हो जाती है। विद्यार्थियों को चाहिए कि सरकार की सुविधा का सदुपयोग करें और जरूरत अनुसार ही टैबलेट का इस्तेमाल करें, ताकि वह बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। इसमें बेहतर पाठ्य सामग्री विद्यार्थियों को मिलती है।
-विजय लक्ष्मी जिला शिक्षा अधिकारी जींद।