हरियाणा के जींद में ई-टेंडरिंग के विरोध में पंचकूला-चंडीगढ़ मार्ग पर डटे सरपंचों को गिरफ्तार करने के विरोध में शनिवार देर शाम जींद में दो नेशनल हाईवे जाम किए। ग्रामीणों ने सरपंचों के समर्थन में जींद-कैथल मार्ग पर कंडेला और पानीपत मार्ग पर गांव निर्जन में जाम लगा दिया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रकट किया।
बुजुर्गों ने युवाओं को समझाकर जाम खुलवाया
शनिवार देर शाम कंडेला गांव के लोगों ने सरकारी स्कूल के पास सड़क के बीच में बुग्गी खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया। जाम की सूचना पर सदर थाना पुलिस और गांव के बुजुर्ग पहुंचे। यहां बुजुर्गों ने युवाओं को समझाकर जाम खुलवा दिया। वहीं निर्जन गांव में भी ग्रामीणों द्वारा जाम लगाने की सूचना पर सिविल लाइन थाना प्रभारी सोमवीर ढाका दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया। जाम लगभग एक घंटा लगा रहा। दोनों जगह जाम लगने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
हैबतपुर गांव में हुई कंडेला और माजरा खाप की पंचायत
सरपंचों को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में रविवार को हैबतपुर गांव में कंडेला और माजरा खाप की पंचायत हुई। इस दौरान खाप पदाधिकारियों ने इस घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री मनोहरलाल को हिटलर की संज्ञा दे डाली। कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश और माजरा खाप प्रधान गुरविंदर सिंह संधु ने कहा कि सरकारें सदा नहीं रहतीं, लेकिन समाज का अस्तित्व हमेशा रहता है और समाज ही सरकार बनाता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने के बजाय बढ़ा रही है। वे लोग कहां चले गए, जो कहते थे कि लोकतंत्र जनतंत्र से चलता है। आज वे मंत्री दर्जनभर विभागों की मलाई खा रहे हैं। उसी की पार्टी का मंत्री सरपंचों को चोर बोल रहा है। इस अवसर पर प्रेम रेढू, भूरा रेढू, इंद्र सिंह रेढू, दिनेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सरकार नहीं चाहती गांवों का विकास हो
प्रेस प्रवक्ता समुद्र सिंह फोर ने कहा कि छोटी सरकार ही गांव का विकास करवाती है। अब गांव का विकास रुका हुआ है। सरकार नहीं चाहती है कि गांव का विकास हो। प्रदेश की सभी खापों से आह्वान किया है कि सरपंचों का खुलकर साथ दें, ताकि छोटी सरकारों को लोकतंत्र तरीके से चलाया जा सके। यदि ऐसा नहीं हुआ तो बाद में हमें पछताना पड़ेगा। जहां भी सरकार के खिलाफ विरोध पनपता है, वहीं सरकार लाठी के बल पर दबाने लग जाती है। सरपंचों को भी चाहिए कि वे सामाजिक संगठनों, किसान संगठनों, खाप पंचायतों की संयुक्त बैठक बुलाकर अपनी बात रखें और उनका सहयोग लें।
शनिवार देर शाम निर्जन गांव के बस अड्डे पर ग्रामीणों ने पानीपत मार्ग जाम कर दिया था। सूचना मिलते ही वह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम लगा रहे लोगों को समझाया। फिर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। पुलिस ने रास्ता बहाल कर दिया था।
-सोमवीर ढाका, प्रभारी, सिविल लाइन थाना जींद