नरवाना हलके के कई गांव में शनिवार रात्रि हुई जमकर ओलावृष्टि से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। किसानों ने खराब हुई फसलों की गिरदावरी कराकर तुरंत मुआवजा देने की मांग की।
रात्रि करीब नौ बजे अचानक मौसम खराब हुआ और दस मिनट से कम समय में ओलों का ढेर लग गया। ओले इतनी भारी मात्रा में गिरे कि 12 घंटे के बाद भी नहीं पिघल पाए। सुबह किसानों ने देखा कि ओलों से बर्फ की सिल्ली बनी हुई थी।
जिले में इस बार लगभग साढ़े पांच एकड़ में गेहूं और साढ़े 17 हजार एकड़ में सरसों की फसल है। जिले में ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नरवाना क्षेत्र प्रभावित है।
गांव कालवन, धमतान, रसीदां, ढिढ़ोली, हंसडैहर, ढाबी टेक सिंह, पीपलथा, नारायण गढ़, गढ़ी सहित कई गांव में भारी ओलावृष्टि हुई। किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि पांच-सात मिनट ही रही। घरों के आंगन में बर्फ के ढेर लग गए। सुबह खेतों में जाकर देखा, तो फसल पूरी तरह से तबाह हो चुकी थी। बर्फ ही बर्फ दिखाई दे रही थी। खराब फसल की सूचना किसानों ने अधिकारियों को दी और गांव में पहुंचने को कहा। किसानों के काफी इंतजार करने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो किसानों ने नरवाना-टोहाना रोड पर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर धमता
न चौकी प्रभारी ओमप्रकाश पहुंचे और अधिकारियों को मौके पर बुलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद नायब तहसीलदार होशियार सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से बात करके खराब फसलों का मुआयना किया। किसानों ने कहा कि गत वर्ष बेमौसमी बारिश ने खेत से मंडी तक किसानों की गेहूं की फसलों को बर्बाद कर दिया था। इसके बाद कपास की फसल पर सफेद मक्खी ने आफत बरपाई। इस बार गेहूं की फसल से किसानों को उम्मीद थी, लेकिन अब फिर बारिश ने किसानों को बर्बाद कर दिया।
डीसी ने लिया संज्ञान
रविवार सुबह अधिकारियों के लंबे इंतजार करने के बाद रसीदां गांव के सरपंच देवेंद्र सिंह मंटा ने डीसी विनय सिंह से बात की और इलाके की पूरी जानकारी दी। डीसी ने सरपंच को कहा कि तहसीलदार खेतों का मुआयना करने के लिए सभी गांव में पहुंच रहे हैं। इसके बाद नायब तहसीलदार होशियार सिंह व पटवारी कालवन, धमतान, रसीदां, ढिढ़ोली, हंसडैहर, ढाबी टेक सिंह, पीपलथा, नारायणगढ़, गढ़ी सहित ओलावृष्टि से प्रभावित सभी गांव में गए और फसलों का मुआयना करके मुआवजा की रिपोर्ट तैयार की।
सूचना मिलते ही गांव में पहुंचे
नायब तहसीलदार होशियार सिंह ने कहा कि ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही वह गांव धमतान पहुंचे। देरी से पहुंचने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि उसने सुबह से शाम तक खराब हुई फसलों का मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की है। फसलों में काफी नुकसान हुआ है।
किसानों को मिले तुरंत मुआवजा : रणदीप सिंह सुरजेवाला
नरवाना। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को नरवाना क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि की स्पेशल गिरदावरी कराकर तुरंत मुआवजा देने की मांग की। सुरजेवाला ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि उन्हें जानकारी मिली है, अनेक किसानों की सौ प्रतिशत फसलें खराब हो गई, जो चिंता का विषय है। उन्होंने भाजपा सरकार से तुरंत मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि अधिकारी किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। शनिवार रात को ओलावृष्टि हुई और अधिकारियों के न पहुंचने पर गांव कालवन के किसानों को रोष स्वरूप जाम लगाने को मजबूर होना पड़ा। इससे पूर्व रणदीप सिंह सुरजेवाला के निर्देश पर पूर्व रामभज लोधर और एडवोकेट सुशील कौशिक ने कई गांव में जाकर ओलावृष्टि की जानकारी जुटाई। पूर्व रामभज लोधर और सुशील कौशिक ने कहा कि शनिवार का दिन वाकई में इस क्षेत्र के किसानों के लिए काला दिन था।
भारतीय किसान संघ ने उठाई मांग
भारतीय किसान संघ ने व्यापारियों की तर्ज पर किसानों से भी उनके नुकसान के बारे में पूछे जाने की मांग की है। संघ के संगठन मंत्री कुलदीप सांगवान ने कहा कि हाल ही में प्रदेश में जो आंधी व ओलावृष्टि हुई है, उससे हजारों हेक्टेयर फसल खराब हो गई है। सरकार जल्द से जल्द खराब फसलों का सर्वे करवाए और किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने का कार्य करे।
सांगवान ने रविवार को गांव रधाना, निडानी, पडाना गावों का दौरा किया और किसानों की समस्याओं पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि किसानों से सर्वे के दौरान व्यापारियों की तर्ज पर यह भी पूछा जाना आवश्यक है कि उनका कितना नुकसान हुआ है। सांगवान ने कहा कि पिछले कई सालों से किसानों की फसलें लगातार खराब हो रही हैं, जिससे किसान पर कर्ज का बोझ उसी प्रकार बढ़ता जा रहा है। आज किसान कर्ज के बोझ के नीचे बुरी तरह दब चुका है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि किसानों के कर्ज का सर्वे करवा कर उनका कर्ज माफ करवाने का भी प्रावधान करना चाहिए।
किसान को कर्ज से निकालना सरकार का प्रमुख दायित्व होना चाहिए। लगातार मौसम के खराब होने के चलते फसलों में नुकसान हो रहा है, जिसके कारण से किसान कर्ज में डूब गया है। किसान संघ आने वाली गेहूं की फसल पर 500 रुपये का बोनस देने की भी मांग की। इस मौके पर अनिल बुवाना, बिट्टू पड़ाना, सुनील रधाना, मनोज रधाना मौजूद थे।