सफीदों। श्रम ठेकेदार फर्म विश्वनाथ एंड कंपनी के विश्वनाथ गुप्ता के नाम से दिल्ली के एफसीआई मुख्यालय, पंचकूला के महाप्रबंधक व रोहतक मंडल के प्रबंधक को भेजी गई एफसीआई के सफीदों डिपो प्रबंधक मीना के खिलाफ शिकायत की जांच साइबर पुलिस जींद ने शुरू की है।
ठेकेदार ने बताया कि शिकायत की जांच के लिए पंचकूला व मंडल कार्यालय रोहतक से आई टीम से जानकारी मिलने पर उसने 29 सितंबर को एक शिकायत सफीदों के शहर थाना पुलिस में दी। इसमें उसने कहा कि किसी व्यक्ति ने उसकी फेक ईमेल आईडी बनाकर उसके फर्जी हस्ताक्षर करके यह शिकायत भेजी है। उन्होंने पुलिस से इसकी जांच व संलिप्त व्यक्ति पर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह पुलिस अधीक्षक से मिले। जिन्होंने जांच का निर्देश साइबर शाखा को दिया। इसकी जांच की जा रही है। शुक्रवार को जांचकर्ता एएसआई जगदीप सिंह ने बताया कि अपराध में प्रयोग की गई ईमेल आईडी की डिटेल्स मंगवाई गई थी। अब इसके लिए संबंधितों को रिमाइंडर भेजा गया है।
मामले में आरोपी का नाम न बताते हुए ठेकेदार ने बताया कि एक विभागीय कर्मचारी ने डिपो प्रबंधक के खिलाफ रंजिशन यह शिकायत उसकी फेक ईमेल आईडी बनाकर भेजी है। इसमें उसके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। आज एफसीआई से बताया कि जिस कर्मचारी पर ऐसा शक है, उसका यहां तबादला कर दिया गया है। इसकी पुष्टि करते हुए एफसीआई के मंडल प्रबंधक केशव मीना ने बताया कि ठेकेदार ने साइबर को शिकायत दी है, जहां से कोई सबूत मिलने पर विभागीय कार्रवाई के जाएगी।
बुजुर्गों को दे रहे बोझा उठाने की छूट
एफसीआई के स्थानीय डिपू प्रबंधक भागीरथ मीना ने बताया कि उनके डिपो में तीन महिलाओं सहित सात चतुर्थ श्रेणी कर्मी ऐसे हैं, जिनकी सेवानिवृत्ति अत्यंत निकट है। ऐसे लोग शारीरिक मेहनत का काम करने में असमर्थ है, जो खुद पास बैठकर बोझा उठाने को निजी मजदूरों से काम लेते हैं। उन्होंने बताया कि यह मानवीय आधार पर ही हो रहा है, किसी अवैध लेनदेन का आरोप सरासर निराधार है।