संवाद न्यूज एजेंसी जींद। जींद शहर की वायु शुक्रवार को प्रदेश में सबसे प्रदूषित रही। दोहपर के समय प्रदूषण का पीएम 2.5 400 अंकों को क्रॉस कर गया था, वहीं पीएम 10 का इंडेक्स 238 को क्रॉस कर दिया। इससे साफ पता चलता है कि शुक्रवार को जिले में भयंकर वायु प्रदूषण रहा। इसमें सांस लेना भी लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था।लोगों की आंखों में जलन होती रही। इस समय लोग कूड़े में आग लगा देते हैं तथा किसान पराली जलाने से भी बाज नहीं आ रहे। दिनभर वाहन जहरीला धुआं उगल रहे हैं। हवा में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण यह जहरीला धुआं वायुमंडल में घुल जाता है, जिससे वायु प्रदूषण हो रहा है।
हर वर्ष अक्तूबर से नवंबर महीने के अंत तक वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि ठंड बढ़ने के साथ वायुमंडल में फैले जहरीले कण भारी होने के कारण नीचे आ जाते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। शुक्रवार को भी जिले में पांच किसानों पर पराली में आग लगाने के कारण जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा दिनभर लोग इधर-उधर कूड़ा भी जलाते रहते हैं। इससे भी वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। शहर के अंदर से सुबह से शाम तक लाखों वाहन निकलते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता रहता है। हवा चलने से कुछ राहत तो मिलती है लेकिन पूरी तरह से वातारण साफ नहीं हो पाता। यदि बरसात हो जाए तो वायु प्रदूषण काफी कम हो जाता है।
जो लोग कूड़ा एकत्र करके आग लगाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस समय निर्माण कार्यों पर भी रोक लगाई गई है। किसान को भी पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक किया जाता है, लेकिन प्रतिदिन मामले आ रहे हैं। शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाया जाएगा।
मोहम्मद इमरान रजा, डीसी