आंदोलन को देखते हुए डीएसपी हरेंद्र कुमार ने शहर के वार्डों में गणमान्य लोगों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि शहर के जिस वार्ड के युवाओं की उपद्रव में भागेदारी हुई उस वार्ड का पार्षद भी उपद्रव के लिए जिम्मेदार होगा। पार्षद की भूमिका संदेशस्पद होने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने सख्ती से कहा कि इस बार शहर में अराजकता को बढ़ने नहीं दिया जाएगा, इसके लिए भले ही किसी हद तक पुलिस को जाना पड़े। इस बार उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा। जिस वार्ड में अपराधी किस्म के युवा रहते हैं, उनकी पहचान कर वार्ड के पार्षद एक सूची पुलिस को दें, ताकि उक्त युवाओं पर नजर रखी जा सके। इससे शहर में जहां अपराध का ग्राफ कम होगा, वहीं लोगों को शांतिपूर्ण जीवन देने में हमारी कोशिश कामयाब होगी। उन्होंने कहा कि शहर में कुछ वार्ड ही संवेदनशील है, जिन पर पुलिस की विशेष नजर है। वहां के पार्षदों की भूमिका ओर अहम हो जाती है। इसलिए हर पार्षद को क्राइम को खत्म करने में पुलिस का सहयोग देना चाहिए।