जाट धर्मशाला में हुई पंचायत। संवाद।
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जींद। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के चंदे में से बचे 35 लाख 70 हजार रुपये के विवाद का समाधान नहीं हो पाया। यहां जाट धर्मशाला में इस विवाद को निपटाने के लिए पंचायत भी हुई लेकिन इसमें दूसरे पक्ष के लोग नहीं पहुंचे, जिस कारण अब दोबारा जल्द ही पंचायत करने का निर्णय लिया गया।
वर्ष 2016 में ईक्कस गांव के पास जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर लगभग तीन महीने धरना चला था। इस धरने में काफी लोगों ने चंदा दिया था। धरने के मौके पर ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति दो-फाड़ हो गई थी। इस धरने के बाद 35 लाख 70 हजार रुपये चंदे से बच गए थे। इन पैसों पर दोनों ही गुट अपना-अपना हक जता रहे थे। बाद में मामला अदालत में चला गया था। अदालत में पिछले सप्ताह इस मामले को लेकर खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान की गवाही होनी थी। अदालत ने दोनों पक्षों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाने का फैसला दिया। इसी कारण दोनों पक्षों की पंचायत होनी थी। दूसरे पक्ष के वीरभान ढुल पंचायत में नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस पंचायत के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। पंचायत में फैसला लिया गया कि जल्द ही दूसरी पंचायत बुलाई जाएगी, जिसकी तारीख एक-दो दिन में ही तय कर दी जाएगी।