जींद के पटियाला चौक पर भरा बरसात का पानी। संवाद।
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जींद। जिले में वीरवार को सुबह ही बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। जींद शहर में हलकी बूंदबांदी हुई तो नरवाना, उचाना व अलेवा में जमकर बारिश हुई। सबसे ज्यादा उचाना में 68 एमएम, नरवाना में 35 एमएम, अलेवा में 40 एमएम, जींद में सात एमएम, सफीदों में दो एमएम, पिल्लूखेड़ा में पांच एमएम बारिश दर्ज की गई। नरवाना में अब तक सबसे अधिक 140 एमएम बारिश हुई है जबकि उचाना में 90 एमएम बारिश अब तक हो चुकी है। जींद में अब तक केवल 34 एमएम बारिश ही हुई है। इस बारिश के कारण नरवाना, उचाना व अलेवा में जलभराव की समस्या पैदा हो गई।
सावन के पहले ही दिन जिले में अच्छी बारिश हुई। सबसे अधिक उचाना में 68 एमएम बारिश दर्ज की गई। वीरवार को हुई बारिश के कारण जिले में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। पूरे जिले में कहीं पर भी पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं, इस कारण पानी निकासी में परेशानी होती है। बारिश का पानी दो दिन में निकल पाता है। जींद के पटियाला चौक, रेलवे रोड, रानी तालाब के पास पानी भरने से समस्या हुई। वहीं अर्जुन स्टेडियम में पानी भरने से खिलाडिय़ों का अभ्यास रूक गया है। अब कई दिन तक यहां खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाएंगे। उचाना की राजेंद्रा कॉलोनी, मेन बाजार, लितानी रोड, रेलवे रोड, पुरानी मंडी, फायर बिग्रेड के पास वाली मंडी समेत अधिकांश गलियों में पूरे दिन बारिश का पानी भरा रहने से आवागमन में लोगों को परेशानी हुई। बाजारों में पानी भरने से यहां से आने-जाने वाले वाहनों के चलते पानी दुकानों के अंदर तक जा रहा था। मंडी में पानी भरा होने के चलते वाहन चालकों को रजबाहा रोड से होकर आवागमन करना पड़ा। मंडी में पैदल आने-जाने के लिए पूरे दिन कोई रास्ता नहीं था। कई जगहों तो पानी एक से दो फीट तक भरा रहा। डिप्टी सीएम का हलका होने के बाद भी यहां पर पानी निकासी का पुख्ता प्रबंध न होने का दर्द लोगों के चेहरे पर नजर आया।
वर्जन
पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। बारिश तेज आने के बाद कुछ समस्या जरूरी हो जाती है, फिर भी लोगों को किसी तरह की परेशानी बारिश के दिनों में पानी निकासी को लेकर न हो इसको लेकर हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
-डॉ. राजेश खोथ, एसडीएम।