नगूरां पीएचसी पर शिविर के दौरान गर्भवती महिला की जांच करती डाॅ. दीक्षा।
अलेवा। नगूरां पीएचसी पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत शुक्रवार को शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगूरां चिकित्सा प्रभारी डाॅ. दीक्षा यादव ने की। शिविर में डाॅ. दीक्षा ने कहा कि जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए गर्भावस्था के दौरान व प्रसव पूर्व जांच कराना आवश्यक है ताकि माता मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में कमी आ सके।
डॉ. दीक्षा ने कहा कि प्रसव पूर्व जांच करके गर्भवती महिलाओं में हाई रिस्क प्रेगनेंसी का पता चलने से उनको समय पर सही उपचार व संस्थागत डिलीवरी करवाने के लिए प्रेरित किया जाता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्ता पूर्ण प्रसव व पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें बेहतर परामर्श देना है। प्रसव पूर्व जांच में यदि खून की कमी होती है तब ऐसी महिलाओं को आयरन की गोली के साथ पोषक पदार्थो के सेवन के विषय में सलाह दी जाती है। वहीं शाहपुर गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र पर व्यस्क बीसीजी टीकाकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा ने की। स्वास्थ्य निरीक्षक ने बताया कि गांव शाहपुर में 18 वर्ष से ऊपर के व्यस्कों तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के 30 लोगों को बीसीजी के टीके लगाए गए ताकि लोगोंं में टीबी रोग से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो सके और 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य प्राप्त हो सके। इस अवसर पर कृष्ण रेढू, एएनएम सुनीता, राजबाला, सीएचओ साक्षी व पूनम, नीलम, जुगेश, मंजू, गीता मौजूद रही।