जींद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत शिक्षकों को दिए गए निर्देशों के अनुसार विद्यार्थियों को शिक्षित करना होगा। इसके लिए क्षेत्र अनुदेशक 29 जनवरी से 24 फरवरी के बीच स्कूलों में जाकर एक से तीन कक्षा तक एनएलएन मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता की प्रगति जांचेंगे। इस दौरान यह देखा जाएगा कि स्कूलों में रीडिंग कॉर्नर बनाए गए हैं या नहीं, प्रिंट रिच वातावरण है या नहीं, शिक्षकों की तरफ से शैक्षणिक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं, अध्यापक शिक्षक संदर्शिका, कार्य पुस्तिकाओं का प्रयोग कर रहे हैं या नहीं। इसको लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
निपुण हरियाणा मिशन के तहत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्रत्येक माह राजकीय स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं का निरीक्षण करना होता है। इस दौरान कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों का मूल्यांकन भी करना होता है। अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी तथा कम प्रदर्शन करने वाले छात्रों का तुलनात्मक अवलोकन किया जाता है। यह भी जानने का प्रयास किया जाता है कि किन कारणों से विद्यार्थी कम सीख रहा है। वहीं जो विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन करता है, उसे निपुण विद्यार्थी घोषित किया जाता है। अधिकारी समय-समय पर स्कूलों में विजिट कर विद्यार्थियों का अवलोकन करते हैं। एफएलएन मॉनिटरिंग के तहत जिला शिक्षा अधिकारी को प्रत्येक महीने तीन विद्यालय तथा छह कक्षाओं का निरीक्षण करना होता है। वहीं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डाइट प्राचार्य, डिप्टी डीईओ, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड संसाधन समन्वयक, डाइट लेक्चरर, एपीसी चार स्कूल तथा तथा आठ कक्षाओं का निरीक्षण करते हैं। जिला समन्वयक को छह विद्यालय तथा 12 कक्षाओं का निरीक्षण करना अनिवार्य होता है।
क्षेत्र अनुदेशक करेंगे कक्षाओं का निरीक्षण
निपुण हरियाणा मिशन के तहत कक्षा एक से तीसरी के विद्यालयों में जाकर क्षेत्र अनुदेशक को निरीक्षण करना होगा। स्कूलों में रीडिंग कॉर्नर, प्रिंट रिच वातावरण, शैक्षणिक सामग्री सहित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को छोटी उम्र में ही विषयों पर बेहतर पकड़ बनाना है, ताकि आगे चलकर वह उच्चतर कक्षाओं में विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न आए। -राजेश वशिष्ठ एफ एलएन जिला कोऑर्डिनेटर।