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Jind News: एन्फूएंजा ... नागरिक अस्पताल में जांच शुरू, तकनीशियन की तैनाती, जांच के लिए 60 लोगों के सैंपल लिए

Wed, 15 Mar 2023 12:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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जींद/ उचाना। जिले में इन्फ्लूएंजा को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जांच के 100 वीटीएम मिलने के बाद नागरिक अस्पताल में जांच का काम शुरू हो गया है लेकिन पहले दिन कोई संदिग्ध नहीं मिलने के कारण कोई सैंपल नहीं लिया गया। इसके लक्षण कोराना से मिलते जुलते होने की वजह से विभाग ने 60 लोगों की कोराेना सैंपल लेकर जांच को भेजे हैं लेकिन लोग बेपरवाह बने हैं।
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अस्पताल और बाजारों में न सामाजिक दूरी और मास्क का प्रयोग नहीं हो रहा। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी और रजिस्ट्रशन काउंटर पर सामाजिक दूरी और मॉस्क लगवाने के लिए भी लोगों से कहा जा रहा है। नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में बनाए गए फ्लू कॉर्नर में सैंपल लेने के लिए लैब तकनीशियन की स्पेशल डयूटी लगाई गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा बचाव को लेकर एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है। हालांकि जींद में इसे बीमारी से पीड़ित एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसी को लेकर शासन स्तर से प्रदेश में अलर्ट भी किया गया था। इन्फ्लूएंजा से जुलाना निवासी एक व्यक्ति की मौत हुई है। जिसे कैंसर था।
बिना अनुमति अवकाश पर नहीं जाएंगे
एचएन इन्फ्लूएंजा वायरस सैंपल लेने के लिए नागरिक अस्पताल को 100 वीटीएम मिली थी लेकिन मंगलवार को एचएन इन्फ्लूएंजा वायरस का एक भी सैंपल नहीं लिया गया। वहीं कोविड संदिग्धों के 60 सैंपल लिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उन लोगों के सैंपल लिए जो पिछले एक सप्ताह से बुखार, सर्दी, खांसी से पीड़ित थे और दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं हो रहे थे। वहीं फ्लू कॉर्नर पर कार्यरत लैब तकनीशियन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वो बिना कारण बताए छुट्टी पर नहीं रहेेंगे। सैंपलिंग को लेकर लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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ये लक्षण हैं तो हो जाएं सचेत
चिकित्सकों के अनुसार सांस लेने में तकलीफ ,लगातार तेज बुखार को होना, छाती या पेट में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, चक्कर आना, सर्दी, जुकाम एवं तेज खांसी इसके लक्षण हैं। पांच साल से कम उम्र के छोटे बच्चे, 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, सांस, अस्थमा के मरीज, शुगर को मरीजों को अधिक सावधानी की आवश्यक्ता है।
वर्जन
नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डा. विजेंद्र ढांडा ने बताया कि फ्लू की वजह से आया बुखार तीन से चार दिनों के बाद खत्म हो जाता है लेकिन खांसी तीन सप्ताह तक बनी रह सकती है। मंगलवार को एचएन इन्फ्लूएंजा बीमारी की कोई सैंपलिंग नहीं की गई है। हालांकि 60 कोविड संदिग्धों की सैंपलिंग की गई है।
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