संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर कर्मचारी और मजदूरों ने लघु सचिवालय के सामने दो दिवसीय महापड़ाव शुरू किया। इसकी अध्यक्षता कृष्ण नैन, संजीव ढांडा, कॉ. सतबीर खरल, सतीश, सतपाल सरोहा ने संयुक्त रूप से की। मंच संचालन सीटू नेता कपूर सिंह ने किया।
महापड़ाव को सीटू के राज्य उपाध्यक्ष कॉ. सुखबीर सिंह, एंटक से जय सिंह धनखड़, किसान सभा के राज्य अध्यक्ष मा. बलबीर सिंह, पूर्व कर्मचारी नेता फूल सिंह श्योकंद, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेता छज्जू राम नैन ने कहा कि देश में कारपोरेट परस्त नीतियां लागू करके केंद्र सरकार ने भयंकर महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, बदहाली और आमदनी में भयंकर गैर बराबरी बढ़ा दी है, उसने सभी सरकारी महकमों, सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण करके तथा देश के तमाम संसाधनों को कारपोरेट के हवाले करके जनता को बेरोजगारी व गरीबी के दलदल में धकेल दिया है।
किसान मजदूरों को स्थायी रूप से लूटने की व्यवस्था कर ली गई है, उनके हित में बने तमाम बने कल्याणकारी कानून बदल दिए हैं, जनता में इन नीतियों के विरुद्ध भारी गुस्सा व असंतोष है। जनता की एकता तोडऩे के लिए धर्म और जाति के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाकर राजनीतिक ध्रुवीकरण पैदा करके दोबारा सत्ता हथियाना चाहते हैं, इसलिए हमें कारपोरेट व सांप्रदायिक ताकतों की गठजोड़ सरकार को सत्ता से बाहर करना होगा।
महापड़ाव में शामिल ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी फेडरेशन ने आशा वर्करों की तीन दिवसीय हड़ताल और लिपिक हड़ताल का समर्थन किया तथा उनकी मांगे लागू करने की मांग की। महापड़ाव में पुरानी पेंशन बहाल, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, महकमों में खाली पद भरने, परियोजना वर्करों को पक्का कर के कर्मचारी बनाना, मजदूरों के हित के कानून बहाल करना, किसानों को लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य की सांविधानिक गांरटी लागू करने की मांग की। इस अवसर पर सुरेश राठी, पवन रजाना, राजेश आसन, कृष्ण चहल, अनूप लाठर, शीशपाल गुलाटी, डिंपल, नरेश दनौदा, संदीप जाजवान, बारू राम, सुरेश करसोला, सावन, ईश्वर बुआना, राजकुमार श्योकंद मौजूद रहे।