जींद। असमर्थ महिला कल्याण न्यास के संस्थापक पं. रामनिवास अहिरका ने वीरवार को नरवाना रोड स्थित समिति कार्यालय में गायत्री यज्ञ आयोजन हुआ। उन्होंने संत कबीर के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग के माध्यम से गृहस्थ जीवन की महत्ता व पति-पत्नी के बीच आपसी तालमेल पर प्रकाश डाला। अहिरका ने बताया किकबीर ने कहा कि गृहस्थ जीवन एक साझी जिम्मेदारी है। जिस तरह पत्नी बच्चों के पालन-पोषण का कठिन दायित्व निभाती है उसी प्रकार पति का कर्तव्य है कि वह भी भीषण धूप और कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करें। संवाद