जींद। महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए शहर में चल रहे प्ले स्कूल लंबे समय से सिरदर्द बने हुए हैं। विभाग ने कई बार इन स्कूल संचालकों को रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए भी समय दिया, लेकिन स्कूलों में गाइडलाइन के अनुसार सुविधा नहीं होने के कारण स्कूल संचालक रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए भी आगे नहीं आ रहे। अब इस मामले को लेकर डीसी ने कड़ी कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें खंड स्तर पर एसडीएम के नेतृत्व में कमेटी का गठन करने के निर्देश देकर अवैध प्ले स्कूलों को पूर्ण रूप से बंद करने के निर्देश दिए हैं।
इसमें डीसी, महिला एवं बाल विकास विभाग, एडीसी, नगरायुक्त व सभी एसडीएम शामिल हुए। डीसी ने सभी अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में चल रहे अनाधिकृत स्कूलों का निरीक्षण कर तुरंत उन पर कार्रवाई कर सील करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए एसडीएम के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया। यह कमेटी प्ले स्कूलों में जाएगी। जिसमें अनाधिकृत व अधिकृत प्ले स्कूलों की जांच होगी और गाइडलाइन के अनुसार दी जाने वाली मुलभूत सुविधाओं की भी जांच करेगी। जो भी स्कूल इन नियमों पर खरा नहीं उतरता पाया गया तो उन स्कूलों को सील किया जाएगा। शहर में लंबे समय से एक या दो कमरों में बिना मूलभूत सुविधाओं के प्ले स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों को प्ले स्कूल के नाम पर कोई सुविधा बेहतर तरीके से उपलब्ध नहीं करवाई जा रही। इसके चलते मासूमों के भविष्य के साथ लंबे समय से फीस के नाम पर ही लूट का खेल चल रहा है। इनमें सुविधा उपलब्ध करवाने या फिर इन स्कूलों की जांच कर सीडीपीओ के साथ अन्य संबंधित अधिकारियों ने शायद ही कभी कोई कार्रवाई की हो। इसके चलते इन स्कूल संचालकों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं। अगर स्कूल संचालक रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करेंगे तो इनकी जांच होगी। जांच में यह स्कूल मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे। जिसके डर से जिले में अधिकतर स्कूल संचालक रजिस्ट्रेशन के लिए अभी तक आगे नहीं आए।
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विभाग के खोले किड्स प्ले स्कूलों में भी नहीं सुविधाएं
विभाग ने जिले में 100 से ज्यादा प्ले स्कूल खोले हुए हैं। अधिकतर स्कूल किराये के भवन में चल रहे हैं। इनमें कई स्कूलों में आज तक न तो बैठने की बेहतर व्यवस्था है, न बिजली का कनेक्शन है और न ही पेयजल की उचित व्यवस्था है। इन स्कूलों मेंं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए न तो विभाग आगे आ रहा और न ही स्कूल संचालक कभी शिकायत करते।
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मीटिंगों तक ही सीमित रही अब तक सुविधाएं देने की बात
बीते वर्ष भी इन स्कूलों के रजिस्ट्रेशन करवाने और स्कूलों की जांच के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसके बाद पांच से दस प्ले स्कूलों का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब डीसी ने अवैध प्ले स्कूलों को सील करने के निर्देश दिए हैं।