जींद। दातासिंह वाला बॉर्डर से 13 फरवरी को गिरफ्तार किसान नेता अक्षय नरवाल और उनके साथी जींद जेल में बंद हैं। इन पर धारा 307 समेत 10 धाराएं लगाई गई हैं। लेकिन इन धाराओं के कोई प्रमाण या सबूत नहीं है। इनकी रिहाई के लिए लगातार एक महीने से आंदोलन चल रहा है। कथूरा गांव में स्थायी धरना दिया जा रहा है। यह तब खत्म होगा जब अक्षय नरवाल और उनके साथी रिहा किए जाएंगे। 7 मार्च को जब किसान एसपी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे तो प्रशासन ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया था। एसपी ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही अक्षय नरवाल और उनके साथियों को रिहा किया जाएगा। जो कानून प्रक्रिया है वह सोमवार को पूरी हो जाएगी। अक्षय व उनके साथियों की प्रशासन प्रक्रिया खत्म होते ही रिहाई हो जाएगी।
किसान नेत्री प्रियंका खरकरामजी व सुशील नरवाल ने कहा कि सोमवार को कानून प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और किसान नेता अक्षय नरवाल व उसके साथियों की रिहाई हो जाएगी। अगर प्रशासन वादाखिलाफी करेगा तो आजतक का सबसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। संदीप चहल ने कहा कि यह हमारा साथियों की रिहाई करवाने का आखिरी प्रयास होगा। अगर सोमवार को साथी रिहा नहीं होते हैं तो सैकड़ों गांवों में धरना शुरू होगा और भाजपा के लोगों का गांव में विरोध किया जाएगा। हर घर पर बैनर अभियान शुरू होगा। इसमें सरकार की ओर से समाज के लोगों पर की गई क्रूरता को उजागर किया जाएगा। इसके बाद मांग सिर्फ रिहाई की नहीं, बल्कि सरकार वापसी की होगी।
सुशील नरवाल ने कहा कि अक्षय से भी हमारी बात हो चुकी है और उन्होंने भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी जेल के अंदर रहकर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। जब तक न्याय नहीं तब तक अन्न नहीं ग्रहण करेंगे। आखिरी दम तक हर तरीके से किसानों व मजदूरों की लड़ाई जेल के अंदर व बाहर जारी रहेगी। अक्षय नरवाल अंदर भी बहुत मजबूती से खड़े हैं और उन्होंने कहा कि जान देकर भी अगर किसानों के लिए कुछ कर पाए तो हमारा सौभाग्य होगा।