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धुंध में कैसे होगा सुरक्षित सफर: सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं और जेब्रा क्रॉसिंग भी गायब

Fri, 24 Nov 2023 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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23जेएनडी15-पटियाला चौक की लाल बत्ती, जो बरसों से बंद पड़ी है और न ही सडक़ पर सफेद पट्टी है। संवा
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जींद। धुंध का मौसम शुरू हो चुका है। अब वाहन चालकों को खुद ही एहतियात बरतने की जरूरत है क्योंकि जिला प्रशासन की तरफ से अभी धुंध के मौसम से पूर्व होने वाली तैयारियां अभी तक पूरी नहीं की है।
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सडकें और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की पट्टियां गायब हैं। शहर से गुजरने वाली कई सड़कों की लाइटें खराब हैं। शहर के चौराहों से जेब्रा क्रॉसिंग कहीं दिखाई नहीं दे रहे। शहर के पटियाला चौक पर एकमात्र लाल बत्ती बरसों से खराब पड़ी है। इन खतरों के बीच से सुरक्षित सफर करना वाहन चालकों के लिए बेहद चुनौती भरा होगा। धुंध से बचाव को लेकर वाहन चालकों के लिए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक तैयारियां पूरी नहीं की हैं। ऐसे में धुंध के दौरान वाहन चालक सुरक्षित सफर कैसे कर पाएंगे। धुंध से बचाव को लेकर वाहन चालकों के लिए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है। प्रशासन ने अभी तक तैयारियां पूरी नहीं की हैं ऐसे में धुंध के दौरान वाहन चालक सुरक्षित सफर कैसे कर पाएंगे। नेशनल हाईवे से लेकर शहर और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों से सफेद व पीले रंग की पट्टियां गायब हैं। लोक निर्माण विभाग ने ग्रामीण एरिया में कई सड़कों की स्पेशल रिपेयरिंग की है और नई सड़कों का निर्माण भी हुआ है। उन पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। इन नई सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं उकेरी गई है। कीकर और झाड़ियों की टहनियां सड़कों पर झुकी हैं।

नेशनल हाइवे पर भी सफर सुरक्षित नहीं

धुंध के दिनों में नेशनल हाइवे पर भी सफर सुरक्षित नहीं है। कई नेशनल हाइवे पर सफेद पट्टी धुंधली हो गई है या फिर कई जगह मिट गई है।हाइवे के किनारे वाहन खड़े रहते हैं और बेसहारा पशु भी आ जाते हैं। खटकड़ और लुदाना टोल परिसर से भी पीली पट्टियां गायब है। टोल एरिया की स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। इसी प्रकार ग्रामीण एरिया की सड़कों पर आने वाली नहर, रजवाहा, ड्रेन आदि के पुलों पर सांकेतिक बोर्ड नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र की सभी सड़कों पर कांटेदार झाड़ियों ने आधी-आधी सड़कों पर कब्जा कर रखा है, जिससे हर समय हादसे का अंदेशा बना रहता है। सड़कों के किनारे खड़े पेड़ों पर भी रेडियम टेप नहीं लगाई है।
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सीआरएसयू के आगे से उखाड़े ब्रेकर

पिछले दिनों सीआरएसयू गेट के सामने ट्रक की टक्कर से छात्र की मौत हो गई थी। विश्वविद्यालय के छात्रों की मांग पर प्रशासन ने सड़क के दोनों तरफ ब्रेकर बना दिए थे लेकिन अब इन दोनों ब्रेकरों को उखाड़ दिया है। ऐसे में यहां पर हर समय हादसे का खतरा रहने लगा है। प्रशासन को चाहिए कि वहां पर दोबारा से ब्रेकर बनाए जाए ताकि किसी की हादसे में जान न जाए।

शहर की एकमात्र लाल बत्ती पड़ी बंद

शहर के पटियाला चौक पर लगाई गई लाल बत्ती बरसों से बंद पड़ी है। हालांकि दो-तीन महीने पहले रोड सेफ्टी की बैठक में तत्कालीन डीसी डॉ. मनोज कुमार ने अधिकारियों को लाल बत्ती चालू करने के निर्देश जारी किए थे लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते आज तक लाल बत्ती चालू नहीं हो पाई।

शहर के मुख्य चौराहों पर नहीं जेब्रा क्रॉसिंग

शहर के किसी भी मुख्य चौराहे पर जेब्रा क्रॉसिंग नहीं है। लघु सचिवालय के सामने चौक पर हर समय वाहनों और पैदल चलने वालों का जमावड़ा रहता है। वहां पर हर समय हादसों का अंदेशा बना रहता है। इसके अलावा पुराना बस अड्डा चौक, पटियाला चौक, रानी तालाब स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर चौक, रोहतक रोड बाईपास चौक, भिवानी रोड बाईपास चौक, देवीलाल चौक, परशुराम चौक, एसपी आवास चौक, जेल के पास मदनलाल धिंगड़ा चौक समेत अन्य किसी भी चौक पर जेब्रा क्रॉसिंग नहीं बनाए गए हैं। इन चौकों पर कई बार पैदल करने वाले लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं।

वर्जन

धुंध के मौसम को लेकर वाहनों चालकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी गई है। चालक रिफलेक्टर, फॉग लाइट और सही दिशा में वाहन चलाएं। कर्मचारियों को भी सड़कों पर रिफलेक्टर, सड़क के किनारे पेड़ों पर रेडियम टेप लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि धुंध में वाहन चालकों को परेशानी न आए।
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सुनील कुमार, आरटीए जींद

23जेएनडी15-पटियाला चौक की लाल बत्ती, जो बरसों से बंद पड़ी है और न ही सडक़ पर सफेद पट्टी है। संवा

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