18जेएनडी30-सीआरएसयू में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे प्रो. जयवीर ङ्क्षसह धनखड़। स्रोत विवि
जींद। इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग और चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की तरफ से इतिहास लेखन अवधारणा व उपकरण विषय पर शुक्रवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में इतिहास एवं पुरातत्व विभाग महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. जयवीर सिंह धनखड़ ने बच्चों को इतिहास लेखन अवधारणा प्रतिविधियां व उपकरण विषय पर अपने विचार रखें। उन्होंने बताया कि इतिहास अतीत के मानवीय क्रियाकलापों और सामाजिक संबंधों को समझने की कोशिश है। इतिहास के लेखन में तथ्य स्रोत के महत्व को इतिहासकारों ने काफी हद तक समझने की कोशिश की है। इतिहासकारों का मुख्य कार्य यह दिखाना है कि यह वास्तव में कैसा था। इतिहासकार केवल कोरी कल्पना के आधार पर अतीत की कहानी का सृजन नहीं करता इतिहास या अतीत अपने निशान पद चिह्न हैं अलग-अलग रूपों में छोड़ देता है। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि छात्र कड़ी मेहनत और निरंतरता के उदाहरण हैं। कुलसचिव प्रो. लवलीन मोहन ने कहा कि डिपार्टमेंट में ऐसे प्रोग्राम होने चाहिए, जिससे बच्चों को सीखने का मौका मिले। इस अवसर पर विभाग अध्यक्ष प्रो. अजमेर सिंह, डॉ. जयपाल मान, डॉ. जसमेर सिंह, डॉ. जगपाल सिंह, लिपिक दीपक मौजूद रहे।