जींद। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को अब अंग्रेजी के साथ हिंदी माध्यम से भी पढ़ाई करवाई जाएगी। पहले शिक्षा विभाग द्वारा निर्देश दिए गए थे कि इन स्कूलों में केवल अंग्रेजी माध्यम से ही दाखिले लिए जाएंगे। जिसे लेकर शिक्षक संगठनों व अभिभावकों द्वारा रोष जताया जा रहा था।
इस रोष को देखते हुए शिक्षा निदेशालय द्वारा इन स्कूलों में प्रवेश को लेकर अनिवार्य की गए अंग्रेजी माध्यम व फीस नियम में बदलाव कर दिया गया है। अब हिंदी में भी दाखिले और एक लाख 80 हजार से कम आय वाले परिवारों के बच्चों को मासिक फीस में छूट दी है। नए आदेशों के आधार पर अब कक्षा अध्यापक विद्यार्थियों से संपर्क कर हिंदी माध्यम में दाखिला ले सकेंगे।
शिक्षा विभाग की मंशा थी कि राजकीय मॉडल स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से ही दाखिले किए जाएं। इसे लेकर निदेशालय द्वारा गत पांच अप्रैल को पत्र भेज दाखिला प्रक्रिया से अवगत करवा दिया था। इन आदेशों में स्पष्ट किया गया था कि राजकीय मॉडल सांस्कृतिक स्कूलों में हिंदी माध्यम में दाखिला नही किया जाएगा और एडमिशन फीस के साथ ही मासिक फीस भी ली जाएगी। जिस पर राजकीय स्कूलों में पढने वाले बच्चों के अभिभावकों तथा शिक्षक संगठनों ने रोष जताते हुए प्रदर्शन तक किए थे। अब शिक्षा निदेशालय ने विरोध के चलते पत्र जारी कर मॉडल स्कूलों में हिंदी माध्यम से भी दाखिले करने के निर्देश जारी किए है। साथ ही एक लाख 80 हजार रुपये से कम आय वाले परिवारों को मासिक फीस में छूट मिलेगी।
यह रहेगा दाखिले का शेड्यूल
मॉडल स्कूल में दाखिले के लिए विद्यार्थी 25 अप्रैल तक आवेदन कर सकते है। ड्रा की तिथि 26 अप्रैल है जिसके बाद दाखिला सुनिश्चित होगा। प्रतीक्षा सूची में शामिल विद्यार्थियों का दाखिला एक मई तक होगा।
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25 अप्रैल तक दाखिले के लिए आवेदन
मॉडल संस्कृति स्कूल में दाखिले को लेकर निदेशालय ने हिंदी माध्यम से भी दाखिले किए जाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा जिन परिवारों की आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है, उन्हें फीस में भी छूट मिलेगी। 25 अप्रैल तक छात्र दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 26 अप्रैल को ड्रा निकाला जाएगा। मॉडल स्कूलों में हिंदी माध्यम से दाखिले के आदेशों के बाद अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के अलग-अलग सेक्शन बनाए जाएंगे।
सुशील जैन, खंड शिक्षा अधिकारी