जींद। स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राममेहर वर्मा ने कहा कि बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के आह्वान पर स्वास्थ्य कर्मी 4 अगस्त को करनाल में रोष प्रदर्शन करेंगे। इसमें स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के कर्मचारी भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि 4 अगस्त तक स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो उसी दिन अगले आंदोलन का एलान किया जाएगा। इससे सरकार के प्रत्येक मंत्रियों के आवास के साथ विपक्षी पार्टियों के कार्यालयों के बाहर भी क्रमिक भूख हड़ताल की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी राजनैतिक दलों को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों के प्रति अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी में कर्मियों की भारी कमी से सबक लेकर जहां स्वास्थ्य विभाग में नए पद सृजित करने की आवश्यकता थी, वही पर विभाग के तत्कालीन निदेशक ने स्वीकृत पदों में जो कटौती की थी उसको लेकर स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ पिछले चार साल से जन आंदोलन कर रहा है। आंदोलन के दौरान अब तक मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, राज्य के सभी सत्ता व विपक्ष के सांसदों व विधायकों को ज्ञापन देने के अलावा महानिदेशालय के पंचकूला कार्यालय के बाहर धरना व प्रदर्शन किया जा चुका है। ग्राम पंचायतों के स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों के समर्थन में पारित प्रस्तावों की प्रति भेजने के बावजूद सरकार अभी तक किसी भी मांग पर काम नहीं किया है। महासचिव सतपाल खासा व उपप्रधान सुमित्रा देवी ने मांग की कि स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ राज्य में समाप्त पदों को बहाल किया जाए। आबादी के अनुसार नए पद सृजित किए जाएं, एमपीएचडब्ल्यू के खाली पदों पर नियमित भर्ती की जाए। एसएमआई, एमपीएचएस महिला एवं पुुरुष के पदों पर पदोन्नति की जाए। वेतन विसंगति को दुुरुस्त किया जाए। वर्ष 1994 व 1995 में भर्ती स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन निर्धारण में त्रुटि को ठीक किया जाए।