संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। दो चिकित्सकों समेत तीन सदस्यीय लक्ष्य टीम ने शुक्रवार को नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। खासतौर से गायनी वार्ड का जायजा लिया और जच्चा-बच्चा को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कुछ मामूली कमियों को छोड़ कर कोई बड़ी खामी नहीं पाई गई। टीम के आने की सूचना पहले से होने के कारण अस्पताल में सभी व्यवस्था दुरुस्त की गई थीं।
गायनी वार्ड में बाकायदा स्ट्रेचर पर चादर तक बिछाई गई थी। टीम ने यहां तकनीकी कमियों को निकाल ही लिया और इसे अस्पताल प्रशासन को नोट करवाया। टीम ने कहा कि हर हाल में जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य विभाग की बेहतरीन सुविधाएं मिलनी ही चाहिए। लक्ष्य टीम में शामिल डाॅ. सुमित लठवाल, डाॅ. नवीन, क्वालिटी नर्सिंग ऑफिसर ज्योति ने इमरजेंसी वार्ड से निरीक्षण की शुरुआत की। टीम के साथ नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला, डाॅ. अजय चालिया, डाॅ. नवनीत, रघुवीर कौर मौजूद रहीं। टीम ने इंजेक्शन रूम पर पर्दा लगाने के लिए कहा। साथ ही पट्टी कक्ष व इमरजेंसी के लिए बनाए गए रूम में सफाई व भीड़ पर नियंत्रण करने की बात कही। इसके बाद टीम प्रयोगशाला में पहुंची। यहां यूरिन सेक्शन को भी देखा और व्यवस्था पर संतुष्टि जताई। टीम ने यहां हैंडवाश का डेमो भी करवाया जिसे स्वास्थ्यकर्मी ने कर दिया। हालांकि यहां एक स्वास्थ्यकर्मी छोटे गल्ब्ज पहने मिला। उसे बड़ा गल्ब्ज पहनने पहनने के लिए कहा गया।
नई बिल्डिंग में ईसीजी, पट्टी, आंख व डेंटल ओपीडी को जांचा
लक्ष्य की टीम ने नई बिल्डिंग में ओपीडी व दवा खिड़की पर व्यवस्था को देखा। इसके बाद ईसीजी रूम, आंंखों की ओपडी, पट्टी कक्ष देखा। इसके बाद टीम ने डेंटल ओपीडी को देखा। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी को ली। यहां लगाए गए पोस्टर उड़ते देख उन्हें चस्पा करने का निर्देश दिया।
प्रसूति वार्ड में 30 मिनट तक किया निरीक्षण
लक्ष्य टीम ने सबसे ज्यादा समय प्रसूति वार्ड के निरीक्षण में लगाया। यहां टीम ने जच्चा-बच्चा को दी जाने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया। महिला ओपीडी के अलावा महिला वार्ड, ऑपरेशन थिएटर का भी जायजा लिया। टीम ने वार्ड में दाखिल मरीजों से भी बातचीत की। साथ ही स्टाफ नर्स से भी गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले उपचार के बारे में जाना।
वर्जन
मूल रूप से मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रसव की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया गया। लक्ष्य टीम ने रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी है। टीम ने जो भी निर्देश दिए हैं, उन्हें नोट कर लिया गया है। निरीक्षण में मिली मामूली खामियों को दूर किया जाएगा।-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस