अलेवा। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने नगूरां पीएचसी के तहत नगूरां, चांदपुर, शाहपुर, दिल्लूवाला, रायचंदवाला समेत अन्य गांवों में एंटी लार्वा एक्टिविटी अभियान चलाया। इसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा ने की। इसमें चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राम ने भी भाग लिया।
अभियान के तहत पीएचसी की टीमों ने घर-घर जाकर टंकी, कूलर और हौदी के पानी में लार्वा की जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ग्रामीणों को मलेरिया व डेंगू बुखार के कारण, लक्षण और बचाव के लिए जागरूक किया। स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा ने कहा कि उप सिविल सर्जन मलेरिया के निर्देशानुसार अप्रैल से एंटी लार्वा अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा ग्रामीणों को प्रत्येक रविवार को अपने घर में सूखा दिवस मनाने के लिए प्रेरित किया किया।
ग्रामीणों को जागरूक करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने पानी के बर्तनों जैसे कूलर, टंकी, फ्रिज की ट्रे, गमले, हौदी, छत पर पड़े कबाड़ को खाली करके सुखाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अचानक तेज बुखार, तेज सिर दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द व शरीर पर लाल चकत्ते होना डेंगू के लक्षण हैं। मलेरिया संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। एनाफिलीज मच्छर दूषित पानी में अपना जीवन चक्र पूरा करता है। यही नहीं जिस किसी व्यक्ति को कंपकपी और ठंड लगकर तेज बुखार, पसीना आना, जोड़ो में दर्द आदि रहता तो यह मलेरिया के लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी के स्वास्थ्य पर जाकर रक्त की जांच करवानी चाहिए। इस अवसर पर संजय कुमार, कुलदीप सिंह, सुभाषचंद्र, कृष्ण रेढू, विनोद, लैब टेक्नीशियन राकेश मौजूद थे।
02जेएनडी06: नगूरां गांव में होदी में लार्वा की जांच करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। संवाद