संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे नौकरी से हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों के समर्थन में शुक्रवार स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमेटी उतर आई है। कमेटी के कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह एक घंटे काम छोड़कर गेट मीटिंग की। तालमेल कमेटी पदाधिकारियों ने प्रतिदिन अपने एक-एक कर्मचारी नेता की भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का हौसला बढ़ाने के लिए ड्यूटी लगाई।
स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमेटी के प्रदेश संयोजक राजबीर बेरवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना काल में इन आउटसोर्स कर्मचारियों को कोरोना यौद्धा बताया था। अब इन कोरोना यौद्धाओं की नौकरी छीन ली है। कुछ कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रख लिया है लेकिन 29 कर्मचारी अब भी नौकरी पर नहीं रखे गए हैं। सिविल सर्जन कार्यालय से केवल इन कर्मचारियों को वेरिफाई करके स्वास्थ्य निदेशालय भेजना है, यह कार्य भी सिविल सर्जन द्वारा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिविल सर्जन की मानसिक ठीक है लेकिन उनके आसपास रहने वाले कुछ स्वास्थ्य अधिकारी उनको काम करने नहीं दे रहे। इससे इन अधिकारियों की मानसिकता का कर्मचारी विरोधी चेहरा पता चलता है। उन्होंने कहा जब तक इन कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं रखा जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। जिला संयोजक बलबीर श्योराण, स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा, सुपरवाइजर संघ के रमेश वर्मा, स्टाफ नर्स एसोसिशन की प्रधान शारदा रानी, जिलात सचिव किरण देवी, सुरेंद्र पेगां, बिजली कर्मचारी एसोसिएशन के संजय ढांडा, कुलदीप, गुरेंद्र सैनी, सोनू बूरा ने कहा कि 2021 में इन कर्मचारियों को बिना नोटिस के हटा दिया था। वह इस बारे में अधिकारियों से मिल चुके हैं। इन कर्मचारियों का सिविल सर्जन की तरफ से पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं किया जा रहा। जब तक उनका डाटा अपडेट नहीं किया जाएगा, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
इस मौके पर रवि, पवन बेरवाल, सतीश, परमजीत, हामिद सरोहा, दीप, लाभ सिंह, सुमित मोर, नसीब लाठर, सुमित सिंहमार व विक्रम भी मौजूद रहे।