जींद। आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत हरियाणा कला परिषद के तत्वावधान में फाल्गुन के गीतों, देवर भाभी की ठिठोली, हरियाणवी संस्कृति व उसके रिति-रिवाजों से अवगत करवाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
हरियाणा कलां परिषद के निदेशक संजय भसीन द्वारा भेजे गए कलाकारों ने शुक्रवार को राजकीय माध्यमिक स्कूल सेढा माजरा, राजकीय प्राथमिक स्कूल लोधर तथा राजकीय कन्या प्राथमिक स्कूल खरकबूरा में आजादी की लड़ाई में हरियाणा वासियों का योगदान नामक नाटक का मंचन किया। इसके अलावा हरियाणवी वेशभूषा,रहन-सहन, संस्कृति, रिति-रिवाज, तीज-त्यौहार, खाना-पीना जैसे विषयों से स्कूली छात्रों व आमजन को अवगत करवाया। टीम के कलाकारों द्वारा फाग,धमाल, खोड़िया, देवर भाभी की ठिठोली, घुमर, एकल नृत्य, सामूहिक नृत्य से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। टीम लीडर अंकित पेगां ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बताया कि हरियाणवी संस्कृति देश के अन्य राज्यों की संस्कृतियों से बेहतर है। यहां पर हर धर्म, जाति, समुदाय के रिति रिवाजों का बराबर स मान होता है। यहां विविधता में एकता देखने को मिलती है।