संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। कोविड महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों की भारी कमी को पूरा करने की बजाय स्वास्थ्य विभाग में पहले से स्वीकृत विशेष कर एमपीएचडब्ल्यू काडर के पदों को समाप्त करने के विरोध में ग्राम पंचायतें उतर आई हैं। रविवार को स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में ग्राम पंचायत ईंटल कलां ने पारित प्रस्ताव राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, सांसद और विधायकों को भेजा। इससे पहले स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ भी सरकार को कई बार मांगों का ज्ञापन भेज चुका है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा ने कहा कि लाखों की आबादी वाले सभी जिला स्तरीय छोटे बड़े शहरों में एक समान छह बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मी यानी एमपीएचडब्ल्यू मेल और एक एमपीएचएस मेल का पद रख कर बाकी सभी पदों को समाप्त करने नागरिक अस्पतालों में पीपी सेंटर को नॉर्म से बाहर करने तथा राज्य के सभी शहरों में एमपीएचडब्ल्यू फीमेल और एमपीएचएस फीमेल के सभी पद समाप्त करने के नए अव्यावहारिक आदेश को वापस लेने तथा राज्य के सभी शहरों मे आबादी आधारित नॉर्म और सरकार के आईपीएचएस नॉर्म के अनुसार एमपीएचडब्ल्यू मेल और फीमेल तथा एमपीएचएस मेल और फीमेल के पद सर्जित करवाने के अलावा रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की मांग को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा जहां पिछले एक साल से संवैधानिक रूप में आंदोलन चलाया जा रहा है। आम जनता पर पड़ रहे कुप्रभाव के दूरगामी खतरे को देखते हुए अब पंचायतों का समर्थन भी संघ को मिल रहा है। जींद जिले से कई पंचायतें सरकार के पास पद बहाली का ज्ञापन सौंप चुकी है और सरकार को अवगत करवा चुकी है कि यदि पद समाप्त हुए तो इसके क्या दुष्परिणाम होंगे।