जींद। प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने सरकार के 16 वर्ष से कम के छात्रों को अकादमियों में दाखिले पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया है। साथ ही इस निर्णय को राज्य में जल्द लागू करने की मांग की है ताकि अभिभावकों का आर्थिक शोषण न हो। रामअवतार शर्मा रविवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि छात्रों का सर्वांगीण विकास केवल स्कूलों में हो सकता है। जिनके पास पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर है। नियम तथा मापदंड पूरे करने पर स्कूल को मान्यता मिलती है, जबकि अकादमी केवल एक या दो कमरे में चलती है। अकादमियों में न तो संस्कार दिए जाते है ओर न ही अनुशासन सिखाया जाता है। जब सरकार के ध्यान में लाया गया तो केंद्र सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को अकादमियों में दाखिले पर रोक लगा दी है। अब हरियाणा सरकार भी इस फैसले को सख्ती से लागू करे। उस कमेटी में निजी स्कूल के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार स्कूल बसों को पैसेंजर टैक्स से भी फ्री करे। पूर्व में कांग्रेस सरकार ने स्कूल बसों को इससे मुक्त किया था। उन्होंने कहा कि 134ए के तहत निजी स्कूलों का पिछले सात साल से 800 करोड़ रुपये बकाया है। सरकार को चाहिए की उस राशि का जल्दी भुगतान करे, ताकि शिक्षा के ढांचे को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर उनका दाखिला स्कूलों में करवाएं, ताकि बच्चे तनावमुक्त रहें और उनका सर्वांगीण विकास हो सके। बच्चों को अच्छे संस्कार मिले और अनुशासन सीखने को मिले। इस अवसर पर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान पुरुषोत्तम शर्मा, वजीर ढांडा, जितेंद्र नाथ, सुनील खोखर, अनिल वत्स, सतीश मलिक व अन्य स्कूल संचालक मौजूद रहे।