जींद। प्रेम विवाह और सहमति संबंध के कानून में सरकार को बदलाव करने का विचार करना चाहिए। यह बात सर्वजातीय 28 कंडेला खाप की बैठक में खाप प्रधान धर्मपाल कंडेला ने कही।
गांव कंडेला में हुई बैठक में धर्मपाल ने कहा कि इसके कारण समाज और परिवार टूट रहे हैं। ऐसे कानून पाश्चात्य संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, जबकि भारतीय संस्कृति और सभ्यता की दुनिया में अपनी पहचान है। माता-पिता को यह भरोसा नहीं कि बच्चे घर पर मिलेंगे या नहीं। पति-पत्नी को यह भरोसा नहीं कि घर पर सब ठीक मिलेगा। बच्चे पैदा होते ही माता-पिता भी दूसरा घर बना लेते हैं। बच्चे बेसहारा हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कंडेला खाप प्रदेश की अन्य खापों के साथ मिलकर सरकार को कई बार ज्ञापन दे चुकी है। बिनैण खाप के उपप्रधान भगत राम, दाड़न खाप और समाज के अन्य शिक्षाविदों के साथ मिलकर 13 जनवरी को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी ज्ञापन देकर सामाजिक समस्याओं से अवगत करवाया था।
उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने भी प्रेमविवाह के मामले में माता-पिता की सहमति को जरूरी बना दिया है। राजस्थान विधानसभा में भी विधायकों ने इस मामले को उठाया है। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले को सराहनीय कदम बताया है, इसलिए हरियाणा सरकार को भी लव मैरिज के मामले में माता-पिता की सहमति को जरूरी बनाना चाहिए और सहमति संबंध को खत्म करना चाहिए।
धर्मपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार को खापों को समाजहित में सामाजिक संगठन का दर्जा देना चाहिए। आंकड़ों के अनुसार देश में पांच करोड़ से अधिक मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बेरोजगारी सहित सभी सामाजिक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में खाप उप प्रधान दयानंद नंबरदार, खाप प्रवक्ता मास्टर कर्मवीर, प्राचार्य पवन रेढू, कपूरा शाहपुर, राजेंद्र कैरखेडी, रामेश्वर खोखरी, प्यारा दालमवाला, सज्जन, प्रताप कंडेला, कृष्ण धीमान मौजूद रहे।
23जेएनडी06: कंडेला गांव में बैठक करते हुए सर्वजातीय 28 कंडेला खाप के प्रतिनिधि। स्रोत खाप