जींद। शहर की अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद बुधवार से शुरू होगी। राज्य सरकार की एजेंसी हैफेड न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों खरीदेगी। अभी तक किसान व्यापारियों को 4800 से 5250 रुपये प्रति क्विंटल में फसल बेचने को मजबूर थे। जिससे उन्हें प्रति क्विंटल 200 से 600 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा था।
अब बुधवार से मंडी में हैफेड सरसों की खरीद करेगी। इसके लिए जिन किसानों ने सरसों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करवाया है। केवल उनकी ही सरसों की खरीद होगी। खरीद एजेंसियों ने आगाह किया है कि सरसों में नमी की मात्रा भी आठ प्रतिशत से कम होनी चाहिए। अगर इससे ज्यादा मात्रा में नमी मिली तो इसको सुखाकर ही खरीदा जाएगा। हालांकि मंडियों में सरसों की की खरीद करीब दस दिन पहले ही शुरू हो गई थी। लेकिन सिर्फ व्यापारी ही किसानों की फसल खरीद रहे थे। अभी तक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दामों पर अपनी फसल बेचने को मजबूर होना पड़ रहा था। हालांकि इनमें ज्यादातर वे किसान हैं जिन्होंने सरसों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड नहीं करवाया था। अनाज मंडी में अब तक करीब सात हजार क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है। दरअसल सरसों का सरकारी भाव 5450 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन किसान बाजार में इससे कम दर पर इसे बेच रहे थे। छोटे किसान जिन्हें धन की जरूरत होती है उन्हें मजबूरी में इसे बेचना पड़ता है। अब सरकारी दर पर खरीद शुरू होने से किसानों को राहत मिलेगी।
हैफेड बुधवार से सरसों की खरीद शुरू करेगी। इसके लिए सभी तैयारियों को पूर्ण कर लिया गया है। किसान सरसों को सुखाकर लाएं ताकि मंडी में आते ही सरसों को बेचा जा सके। आठ प्रतिशत नमी तक की सरसों की ही खरीद की जाएगी।
- विजय शर्मा, मैनेजर हैफेड