जींद। शहर के तांगा चौक निवासी स्वर्णकार को मुंडाल में बुलाकर बंधक बनाने और एक करोड़ की फिरौती मांगने के तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शहर थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में तांगा चौक निवासी प्रतीक कुमार ने बताया कि वह बाजार में स्वर्णकार का काम करता है। एक साल से मुंढाल खुर्द हाल आबाद विजय नगर निवासी मनोज से उसकी जान-पहचान थी। मनोज उनसे सोने-चांदी के जेवरात खरीदता था। इसके कारण वह उस पर विश्वास करने लगा था। 19 अगस्त को मनोज ने उनको फोन किया और कहा कि वह उससे मिलने आ रहा है। उसे किसी व्यापार के बारे में बात करनी है। इसके बाद 2 बजे वह मनोज से एसडी स्कूल के पास मिलने गया। मनोज ने कहा कि उसकी जमीन के रुपये आने हैं और उसे उसके साथ सोने-चांदी के व्यापार में लगभग 60 से 70 लाख रुपये निवेश करना है। इसके बाद मनोज उनके साथ कई बार संपर्क किया और फोन पर बातचीत करता रहा। मनोज ने 27 अगस्त को उसको मुंढाल बुलाया। इसके बाद वह 29 अगस्त को संपर्क करके मुंढाल में मनोज के घर पहुंचा तो वहां पर उसके साथ सुमित और विकास भी मौजूद थे।
प्रतीक ने बताया कि जब उसने मनोज के अपने रुपये मांगे, तो सुमित ने दरवाजे की कुंडी बंद कर दी। विकास ने उसे चाकू दिखाकर बंधक बना लिया। इसके बाद उन्होंने उसके साथ मारपीट की। आरोपियों ने उससे एक करोड़ रुपये अपने घर से मंगवाने के लिए कहा। आरोपियों ने कहा कि अगर उसने पुलिस को बताया तो वह उसे जान से मार देंगे। उसके बाद उसने अपने चाचा अनूप डागर को फोन करके एक करोड़ रुपये आरोपियों के कहे अनुसार रोहतक में एक पेट्रोल पंप पर लाने के लिए कहा। विकास उनकी गाड़ी की चाबी लेकर वहां से चला गया। इसके बाद मनोज और सुमित ने उसके साथ मारपीट की। वह मौका पाकर वहां से भाग निकला। आरोपियों ने उसका पीछा किया, मगर अंधेरा होने के कारण वह उनके चंगुल से बचकर घर पहुंच गया। जांच अधिकारी एएसआई रीना देवी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें पुराना बस अड्डा के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
मनोज का है आपराधिक रिकॉर्ड
आरोपी मनोज और सुमित मौसी के बेटी हैं, जबकि विकास शहर से सटे गांव निर्जन का रहने वाला है। मनोज आपराधिक रिकॉर्ड है। उस पर फिरौती मांगने, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। विकास के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है।