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वेदों की ओर लौटकर और यज्ञ अपनाकर ही संभव है विश्व कल्याण : आचार्य वरुण देव

Mon, 11 May 2026 03:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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10जेएनडी10: वैदिक सत्संग समारोह के समापन अवसर पर हवन यज्ञ करते हुए श्रद्धालु। स्रोत आयोजक
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जींद। आर्य समाज राम नगर की ओर से आयोजित तीन दिवसीय वैदिक सत्संग समारोह का समापन रविवार को यज्ञ के साथ हुआ। इसमें मुख्य वक्ता वेदज्ञ आचार्य वरुण देव ने कहा कि धर्म का पालन ही मनुष्य की उन्नति और सच्चे सुख का आधार है। वेदों की ओर लौट कर व यज्ञ अपनाकर ही विश्व का कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि वेद ही हमारे सर्वोच्च मार्गदर्शक हैं और इन्हें राष्ट्रीय ग्रंथ का दर्जा मिलना चाहिए। सत्यार्थ प्रकाश इसमें सबसे बड़ा सहायक ग्रंथ है। इससे पूर्व भजनोपदेशक पंडित प्रताप आर्य वैदिक ने मधुर भजनों के माध्यम से यज्ञ की महिमा का गुणगान किया। शांति और संतोष की प्राप्ति के लिए यज्ञ को उत्तम साधन बताते हुए उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और योगेश्वर श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। सुधीर आर्य ने सपत्नीक यजमान की भूमिका निभाई। मंच संचालन कार्यक्रम संयोजक यज्ञवीर आर्य ने किया। इस अवसर पर आर्य समाज के संरक्षक कर्ण सिंह आर्य, प्रधान कंवर साहब आर्य, मंत्री अजीत गौतम, कोषाध्यक्ष सत्यनारायण आर्य, और शहर के विभिन्न आर्य समाजों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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