जींद। किडनी रोगियों को अब निजी अस्पतालों में महंगे दाम पर डायलिसिस नहीं करवाना होगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शनिवार को नागरिक अस्पताल में फ्री डायलिसिस की शुरुआत कर दी गई है।
सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल, ईएनटी डॉ. बिजेंद्र घनघस ने इसकी शुरुआत करते हुए सभी मरीजों को डायलिसिस केंद्र में सभी प्रकार की सुविधाएं फ्री में उपलब्ध होने की जानकारी दी। सिविल सर्जन ने कहा कि किडनी मरीजों को डायलिसिस करवाने के लिए अब रुपये नहीं देने होंगे। नागरिक अस्पताल में यह सुविधा मुफ्त उपलब्ध होगी।
डाॅ. गोपाल गोयल ने कहा कि आज के दौर में हर इंसान किसी न किसी बीमारी का शिकार है। शुगर व ब्लड प्रेशर के कारण व्यक्ति की किडनी पर भी इसका असर पड़ता है। फिर उसे डायलिसिस करवाना पड़ता है। किडनी रोग से ग्रस्त होने का कारण शरीर की अनदेखी है। समय-समय पर शरीर की जांच नहीं करवाना भी मुख्य वजह है।
20 से 25 हजार रुपये आता था हर महीने खर्च
डाॅ. राजेश भोला ने कहा कि डायलिसिस का खर्च करीब 20 से 25 हजार रुपये प्रति माह का आता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि डायलिसिस माह में कितनी बार हो रहा है। अब सरकार इसका खर्च उठाएगी। सरकार के इस फैसले से किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। डाॅ. भोला ने कहा कि बढ़ रही बीमारियों को देखते हुए हमें पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। स्वच्छ खानपान को तरजीह दें। बाजार के बने फास्ट फूड से पूरी तरह परहेज करें।
प्रतिदिन आ रहे थे 30 मरीज
नागरिक अस्पताल में औसतन 30 मरीज डायलिसिस के लिए आ रहे हैं। इनमें से आधे मरीज बीपीएल या फिर आयुष्मान कार्डधारक होते थे, जिनका पहले ही डायलिसिस मुफ्त में हो रहा था। अब जो मरीज पैसे देते थे उनके लिए यह बड़ी राहत होगी।
19जेएनडी04 : नागरिक अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में मरीजों को जानकारी देते सिविल सर्जन व अन्य स्व