संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। राजाजी ढाबे पर चार कर्मचारियों के साथ बड़ा हादसा होने से बचा है। यहां सीवर की सफाई के दौरान चार ढाबा कर्मी गैस की चपेट में आने से गंभीर हो गए, जिन्हें उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने दो कर्मियों को गंभीर हालत के चलते रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। वहीं दो ढाबा कर्मियों को जींद के नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया है। परिजनों का आरोप है कि बिना उपकरणों के कर्मियों को सीवर में उतारकर बड़ी लापरवाही की गई। फिलहाल इस मामले की सिविल लाइन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जींद के नेशनल हाईवे पर बने राजाजी ढाबा का सीवर ब्लॉक होने पर सोमवार शाम को ढाबा कर्मी सफाई करने के लिए मैनहोल खोल नीचे उतरे थे। सीवर में बनी गैस ने उन्हें चपेट में ले लिया। इसमें ढाबा कर्मी महेश, चालक गांव लोहचब निवासी विक्की, बहराइच (उत्तर प्रदेश) निवासी मुंशी और असम निवासी अनार की हालत बिगड़ गई। साथी कर्मियों द्वारा चारों को नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने महेश और विक्की की गंभीर हालत देख पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।
ढाबे के कर्मचारी मुंशी ने बताया कि शुरू में महेश सीवर में उतरा था, जिसे निकालने के लिए विक्की गया था। वह भी अंदर रह गया। शोर मचाए जाने पर वह साथी अनार के साथ पहुंचा तो वह भी गैस की चपेट में आ गया। घटना की सूचना पाकर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालात का जायजा लिया।
ढाबे पर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। यह भी प्रशासन के सामने बड़ा सवाल है। आखिरकार कर्मियों को किसने सीवर में उतारा, जबकि न तो ढाबा कर्मियों को टेक्निकल जानकारी थी और न ही उनको उपकरण दिए गए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अस्पताल से सूचना मिली है कि राजाजी ढाबे के दो कर्मियों को रोहतक रेफर किया गया है और दो नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन हैं। लापरवाही किस स्तर पर हुई, इसकी जांच की जा रही है।
- नवीन मोर, सिविल लाइन थाना प्रभारी।