जींद। जिला परिषद की पहली बैठक में सात करोड़ 91 लाख रुपये वितरण करने के लिए सभी पार्षदों की सहमति से चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जिला परिषद की यह बैठक अब ढाई वर्ष बाद हुई है, हालांकि नए सदन की पहली बैठक हुई। इसमें जिले के सभी गांवों में मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए सभी पार्षदों की सहमति से चेयपर्सन व उपप्रधान ने कमेटी के समक्ष अपने वार्ड की समस्याओं को रखने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव में जो कार्य पार्षद भेजेंगे, उसके अनुसार ग्रांट से विकास को लेकर राशि जारी की जाएगी। इस दौरान बैठक में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के नहीं पहुंचने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इस कमेटी में जिला परिषद की चेयरपर्सन मनीषा रंधावा, उप चेयरमैन सतीश कुमार, पार्षद कविता देवी व सुशीला देवी को सदस्य बनाया गया है। पहली बैठक में सभी पार्षदों ने एक-एक कर सभा में अपने वार्ड की समस्याओं को सभापति के समक्ष रखा। इसमें मौजूद सभी विभागों के अधिकारियों को पार्षदों के वार्ड में समस्याओं को नोट कर उनका समाधान करने के लिए चेयरपर्सन व मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने विनेश कुमार ने अधिकारियों को गंभीरता से लेने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी बैठक में पार्षदों के वार्ड की समस्याओं का समाधान हुआ कि नहीं। इसकी जानकारी ली जाएगी। जिस विभाग के अधिकारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेंगे। उनके खिलाफ उनकी तरफ से कार्रवाई की मांग की जाएगी। इसके अलावा नरवाना खंड के अधिकतर गांवों में पेयजल की समस्या के समाधान की मांग पार्षदों ने उठाई। इस पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के मौजूद नहीं मिलने पर कार्यकारी अधिकारी ने नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण की मांग की। पेयजल के अलावा गांवों में बस की सुविधा नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होने का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर रोडवेज के अधिकारी को पार्षदों द्वारा बताए गए गांवों में बस शुरू करवाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकतर पार्षदों द्वारा गांवों में बस सेवा, पीने के पानी, गलियों, नालों, बिजली, तालाब की चहारदीवारी, स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य करवाने के बारे, मनरेगा गांव में ओपन जिम, ई-लाइब्रेरी, चौपाल जैसे विकास कार्य करवाने बारे मांग रखी गई। इस बैठक मेंं पीओ आईसीडीएस कुमारी सीमा प्रसाद भी मौजूद रही।
उचाना खंड में 44 करोड़ रुपये से होगा पेयजल समस्या का निदान
सीईओ जिला परिषद ने पार्षदों को बताया कि उचाना खंड के 15 गांवो में स्वच्छ व गुणवत्तापरक पीने का पानी उपलब्ध करवाने को लेकर सरकार द्वारा 44 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसको लेकर पीने के पानी की समुचित व्ययवस्था की जाएगी और गांव की बस्तियों व अंतिम छोर तक पानी पंहुचाने के लिए कार्य किया जाएगा। इसके अलावा चिह्नित गांवों में महाग्राम योजना के तहत भी विकास कार्य करवाए जा रहे है।
72 गांवों में ई-लाइब्रेरी का निर्माण कार्य शुरू
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ई-लाइब्रेरियों का निर्माण करवा जा रहा है। जिला में अब तक 72 गांवों की मांग पर ई-लाइब्रेरियों निर्माण व स्थापित करवाई जा रही है। शेष बचे गांव भी ग्राम दर्शन पोर्टल पर ई-लाइब्रेरी बनवाने के लिए डिमांड भेज सकते है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा जल्द ही घर-घर कूड़ा उठाने व गांव के ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर राज्य स्तर पर टेंडर जारी किए जाएंगे।
चार सदस्यीय कमेटी को सूची बनाकर सौंपे कार्य
चेयरमैन व कार्यकारी अधिकारी ने जिला परिषद के सदस्यों का आह्वान किया कि वह अपने-अपने वार्डों से संबंधित करवाए जाने वाले विकास कार्यों की सूची बनाकर कार्यालय में भिजवाएं, ताकि उन सभी विकास कार्यों की समीक्षा कर विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करवाया जा सके। बैठक में जिला परिषद के सदस्यों ने अपने-अपने वार्ड में करवाए जाने वाले विकास कार्यो को सिलसिलेवार रखा, इस पर सीईओ जिला परिषद ने मांगो की समीक्षा कर मौके पर ही उपस्थित अधिकारियों को इन कार्यो को करवाने के दिशा निर्देश दिये।
बराह गांव के स्कूल के भवन को जर्जर घोषित कर, बनवाया जाए नया भवन
वार्ड 14 से पार्षद श्रीपाल द्वारा बराह गांव के स्कूल के जर्जर भवन के सुधार की मांग की गई। इस पर सीईओ ने बैठक में मौजूद डीईईओ से भवन को कंडम घोषित करवाकर दोबारा से निर्माण के निर्देश दिए, लेकिन डीईईओ ने बताया कि स्कूल मुखिया की तरफ से मांग पर यह कार्रवाई होगी, लेकिन सीईओ ने गंभीरता से लेते हुए कहा कि अगर भवन के गिरने से किसी बच्चे के साथ हादसा हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा। स्कूल मुखिया से बात कर अपनी कार्रवाई पूरी करवाएं ताकि स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए अच्छा भवन व माहौल मिले।