संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अहिरका गांव में पांच महिलाओं को बैंक से लोन दिलवाने के नाम पर फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर फाइनेंस बैंक से फर्जी तरीके से लगभग चार लाख रुपये का लोन लेकर हड़पने का मामला आया है। इसमें पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला की जेठानी और बैंक कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में अहिरका गांव निवासी काजल ने बताया कि उसको कुछ रुपयों की जरूरत थी। इसके लिए उसने अपनी जेठानी प्रीति से संपर्क किया। जोकि फाइनेंस बैंक से लोन करवाने का काम करती है। उसकी जेठानी ने उसके दस्तावेज ले लिए और लोन दिलवाने की बात कही। कुछ दिन बाद उसने लोन रद्द होने की सूचना दी। इसके अलावा उसकी जेठानी तथा बैंककर्मियों ने उसके चाचा ससुर के लड़के की पत्नी सुमन, उनके गांव की सुरेशो, सोनिया व सावित्री से भी दस्तावेज लेकर उनके नाम पर फर्जी तरीके से लोन ले लिया। उन्होंने बताया उसके नाम से 80 हजार रुपये का लोन लिया गया, जिसकी जानकारी उसको बाद में मिली, लेकिन उसको प्रीति ने एक रुपये भी नहीं दिया। उसके फर्जी तरीके से खुलवाए गए बैंक खाते का एटीएम व कॉपी भी खुद रख ली। जब उसने बैंक में जाकर पता किया तो उसके स्थान पर फोटो, हस्ताक्षर व फोन नंबर किसी और के लिखे थे। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी जेठानी प्रीति ने और बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर हमारे साथ धोखा किया और उसके नाम पर फर्जी लोन लिया हुआ है। काजल ने बताया कि सिंधुजा और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के अलावा सत्या माइक्रो फाइनेंस और कमल फाइनेंस से 80-80 हजार रुपये का लोन लिया हुआ है। कुल मिलकार चार लाख रुपए का लोन लिया है। जिसमें उसके दस्तावेज भी शामिल हैं। सदर थाना पुलिस ने प्रीति और बैंक कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।