जींद। सफीदों के बहादुरगढ़ गांव में पत्नी की हत्या कर शव को झाड़ियों में फेंकने के दोषी पति समेत चार लोगों को एडिशनल सेशन जज कीर्ति जैन ने उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर दोषियों को तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
सदर थाना सफीदों पुलिस को 29 सितंबर 2018 को दी शिकायत में पानीपत जिले के जोशी गांव निवासी प्रमोद ने बताया था कि उनकी बहन पिंकी की शादी वर्ष 2000 में बहादुरगढ़ निवासी महिपाल के साथ हुई थी। शादी के बाद से बहनोई महिपाल, ससुर मांगेराम, जेठ कृष्ण, देवर सुभाष व श्रीराम दहेज की मांग को लेकर मारपीट करते थी। कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन आरोपी नहीं माने और बाद में उनकी बहन को बदनाम कर घर से निकालने के लिए अपने एक रिश्तेदार से उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करवाया। इसकी शिकायत करने पर पंचायती तौर पर फैसला करवा दिया था। इसके बाद उसके देवर सुभाष किसी महिला को शादी करके लाया। कुछ दिन बाद उस महिला को आरोपियों ने मिलकर मार दिया।
उन्होंने इसकी शिकायत थाना व महिला आयोग को भी दी, लेकिन आरोपी अपनी पहुंच के चलते इस मामले में भी बच गए। इसके बाद उसकी बहन को मारने के लिए उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची। इसके बाद आरोपियों ने अन्य आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ मिलकर उसकी बहन की हत्या कर दी। उसके शव को खुर्द-बुर्द करने की नीयत से सिंघाना रोड पर झाड़ियों में फेंक दिया था। इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों को नामजद कर कुछ अन्य के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। उसी समय से मामला अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सोनीपत जिले के फरमाना गांव निवासी मनीष, सरफाबाद गांव निवासी सुशील, बहादुरगढ़ निवासी उसके पति महिपाल व देवर सुभाष को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।