जींद। स्वास्थ्य विभाग के पास 40 वेंटिलेटर हैं। यह टूटी सांसों को बचाने के लिए हैं, लेकिन जींद में इनको चलाने के लिए केवल चार चिकित्सक हैं। ये सिर्फ 12 वेंटिलेटर चला सकते हैं। यह व्यवस्था भी केवल नागरिक अस्पताल जींद में ही है। जुलाना, नरवाना, सफीदों में कहीं भी वेंटिलेटर चलाने के लिए कोई चिकित्सक नहीं है। जब आईसीयू पूरी तरह से चल पाएगा तब भी 12 वेंटिलेटर ही प्रयोग हो सकते हैं, अन्य इनको पैक में ही बंद रहना पड़ेगा।
वेंटिलेटर चलाने के लिए एनेस्थीसिया चिकित्सक होते हैं। नागरिक अस्पताल में फिलहाल दो रेगुलर तथा दो एनएचएम के तहत कार्यरत है। ऐसे में कुल मिलाकर चार ही चिकित्सक हैं, जो वेंटिलेटर चला सकते हैं। इसके अलावा इन चिकित्सकों को ऑपरेशन करवाने आने वाले मरीजों को बेहोश करने का कार्य भी करना पड़ता है। नागरिक अस्पताल जींद में फिलहाल आईसीयू शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक यहां गंभीर मरीजों को दाखिल नहीं किया जाता है। जल्द ही आईसीयू में गंभीर मरीजों को दाखिल करने का काम शुरू किया जाएगा।
इंटेंसिविस्ट का पद स्वीकृत
नागरिक अस्पताल में आईसीयू चलाने के लिए विशेषज्ञ इंटेंसिविस्ट का पद स्वीकृत हुआ है। जल्द ही इसके लिए आवेदन मांगे जाएंगे। यदि सरकार की तरफ से कोई चिकित्सक मिलता है तो ठीक नहीं, तो फिर एनएचएम के तहत भर्ती किया जाएगा। यह चिकित्सक हमेशा आईसीयू में ही रहता है।
दो और चिकित्सकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
नागरिक अस्पताल में एक फिजिशियन तथा एक मेडिसन चिकित्सक हैं। इन दोनों को भी वेंटिलेटर चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कुछ और चिकित्सकों को भी प्रशिक्षण दिया जा सकता है, ताकि इमरजेंसी के समय काम चलाया जा सके।
नागरिक अस्पताल में फिलहाल चार चिकित्सक वेंटिलेटर चलाने में सक्षम हैं। एक फिजिशियन और एक मेडिसन को भी वेंटिलेटर चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा एक इंटेंसिविस्ट का पद भी स्वीकृत हुआ है। जल्द ही आईसीयू में गंभीर मरीज दाखिल किए जाएंगे। डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन, जींद।
धरने पर किसानों को संबाेधित करते किसान नेता। संवाद
धरने पर किसानों को संबाेधित करते किसान नेता। संवाद