former sdo of power corporation and peon sentenced to 5-5 years
अदालत ने उपभोक्ता को सरकार द्वारा देय योजना का लाभ नहीं देकर साढ़े चार लाख रुपये हड़पने के जुर्म में निगम के पूर्व एसडीओ तथा चपरासी को पांच-पांच साल की कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। गांव पड़ाना निवासी सुरेश ने 9 जून 2016 को पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि सितंबर 2015 में सरकार ने बिजली बिल का 25 प्रतिशत भरने पर बकाया को माफ करने की योजना चलाई थी। इसके तहत उसने योजना का लाभ लेने के लिए बिजली निगम के चपरासी रामकुमार के जरिये सब डिवीजन नंबर दो के एसडीओ राजीव शर्मा से संपर्क किया था। योजना के बारे में पूरी जानकारी लेकर उसने एक सितंबर तथा 18 सितंबर 2015 को साढ़े चार लाख रुपये बिजली का बिल भर दिया था। जिस पर एसडीओ राजीव ने बिजली बिल क्लियर का नो ड्यूज जारी कर दिया। हाल ही में उसे बिजली का बिल मिला, जिसमें उसकी तरफ 17 लाख 38 हजार रुपये की राशि बकाया दिखाई गई। जब उसने बिजली निगम कार्यालय में जाकर बिल क्लियर का नो ड्यूज दिखाया और अपने बिजली अकाउंट को खंगाला तो उसके द्वारा जमा करवाई गई राशि बिजली निगम में जमा नहीं थी। सुरेश ने आरोप लगाया था कि एसडीओ राजीव तथा चपरासी रामकुमार ने उसकी राशि को हड़प लिया। पुलिस ने सुरेश की शिकायत पर बिजली निगम के एसडीओ राजीव तथा चपरासी रामकुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में चल रहा था। शुक्रवार को अदालत ने एसडीओ राजीव व चपरासी रामकुमार को पांच-पांच वर्ष की कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में दोषियों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त सजा काटनी होगी।